नई पॉलिसी से रिटेल सेक्टर में लौटेगी तेजी, ये हैं सरकार से पांच उम्मीदें

नई पॉलिसी आने से रिटेल सेक्टर की कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी. इससे रोजगार के अवसर विकसित होंगे साथ ही इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा. 

नई पॉलिसी से रिटेल सेक्टर में लौटेगी तेजी, ये हैं सरकार से पांच उम्मीदें
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: मोदी सरकार भले ही देश की पहली रिटेल पॉलिसी लाने में वक्त लगा रही हो, लेकिन रिटेल सेक्टर को उम्मीद है कि नई नीति रिटेल सेक्टर के ग्रोथ में नई जान फूंकेगी. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ कुमार राजगोपालन ने ज़ी मीडिया से बातचीत में बताया कि सेक्टर को नई रिटेल पॉलिसी से क्या उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा कि अगर उनकी उम्मीदें पूरी होती हैं तो सेक्टर की कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी. इससे रोजगार के अवसर विकसित होंगे साथ ही इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा. 

रिटेल सेक्टर की पहली बड़ी मांग 
रिटेल सेक्टर में लाईसेंस राज के खात्मे और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाइसेंस प्रणाली को सरल और तेज़ बनाया जाए. फिलहाल किसी भी रिटेल शॉप को खोलने के लिए कम से कम 40 अलग-अलग प्रकार के लाइसेंस लेने पड़ते हैं. यही नहीं इन लाइसेंस के रिन्यूअल में भी काफी दिक्कतें आती हैं. 

लाइव टीवी देखें

रिटेल सेक्टर की दूसरी बड़ी मांग
लेबर लॉ या फिर श्रम कानून में बदलाव जिससे रिटेल सेक्टर में लोगों को काम करने में सहूलियत हो.

रिटेल सेक्टर की तीसरी बड़ी मांग
रिटेल सेक्टर Weight & Measurement नियमों में पारदर्शिता चाहता है. यानी कि किसी भी प्रोडक्ट या सामान के मापन या साइज को बताने के नियमों में भी ढिलाई और पारदर्शिता होनी चाहिए. 

रिटेल सेक्टर की चौथी बड़ी मांग
रिटेल सेक्टर चाहता है कि दुकानों को रात में या फिर 24 घन्टे और 365 दिन खुले रखने की छूट दी जाए. 

रिटेल सेक्टर की पांचवीं बड़ी मांग
रिटेल सेगमेंट में टैक्स प्रणाली को और भी सरल बनाया जाए. टैक्स व्यवस्था को IT आधारित किया जाए ताकि करप्शन के मकड़जाल से आजादी मिले.