रिक्शा चालक को चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये! इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला
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रिक्शा चालक को चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये! इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक रिक्शा चालक तब दंग रह गया जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उसे नोटिस थमा कर 3 करोड़ रुपये चुकाने की बात कही. प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर अपने साथ घटी घटना का जिक्र किया है. 

रिक्शा चालक को चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये! इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने एक रिक्शा चालक को 3 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है. ये सुन कर थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है लेकिन ये सच है और मामला उत्तर प्रदेश का है. उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक रिक्शा चालक तब दंग रह गया जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उसे नोटिस थमा कर 3 करोड़ रुपये चुकाने की बात कही. नोटिस मिलने के बाद रिक्शा चालक घबरा कर पुलिस के पास मदद के लिए पहुंचा.

रिक्शा चालक को चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये

मथुरा के बाकलपुर क्षेत्र के अमर कॉलोनी निवासी प्रताप सिंह ने आईटी विभाग से नोटिस मिलने के बाद हाईवे थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. प्रताप सिंह रिक्शा चलाते हैं. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में अभी कोई केस दर्ज नहीं किया है. लेकिन मामले की जांच की जा रही है. 

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पैन कार्ड से हुआ फ्रॉड

प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर पूरा मामला बताया है. प्रताप के अनुसार, 15 मार्च को उसने बाकलपुर में जन सुविधा केंद्र में पैनकार्ड के लिए आवेदन किया था. बैंक ने उससे पैनकार्ड जमा करने के लिए कहा था. जन सुविधा केंद्र की ओर से प्रताप को कहा गया था कि उसका पैन कार्ड 1 महीने के अंदर आ जाएगा. लेकिन नहीं आया. और बाद में उसे पता चला कि उसके पैन कार्ड को संजय सिंह नाम के व्यक्ति को दे दिया गया.

आईटी डिपार्टमेंट ने भेजा नोटिस 

इस बीच प्रताप कई बार केंद्र पर पैन कार्ड के लिए गया तो उसे पैन कार्ड का कलर प्रिंट दे दिया गया. दरअसल, रिक्शा चालक पढ़ा लिखा नहीं था जिसकी वजह से उसे पता नहीं चला कि पैन कार्ड ऑरिजनल है, या फोटोकॉपी. प्रताप को जब आईटी डिपार्टमेंट से कॉल आई तो उसके हाथ-पांव फूल गए.

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एक साल का टर्नओवर 43.44 करोड़ रुपये

आपको बता दें कि आईटी विभाग ने प्रताप से 3,47,54,896 रुपये चुकाने के लिए कहा है. प्रताप ने बताया कि उसे अधिकारियों ने बताया कि किसी ने उसका पैन कार्ड ले लिया है और उसके नाम से जीएसटी नंबर बनवा लिया है. इस पैन कार्ड पर करीब 43.44 करोड़ रुपये का टर्नओवर एक ही साल (2018-2019) में कर डाला. अधिकारियों ने प्रताप को सलाह दी कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराए और दोषियों को जेल भिजवाए. बहरहाल, मामले की जांच चल रही है.

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