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साल के अंतिम दिन रुपया 18 पैसे मजबूत, पिछले दो कारोबारी दिवस में 58 पैसे की मजबूती

अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में सोमवार को रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 69.77 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. 

साल के अंतिम दिन रुपया 18 पैसे मजबूत, पिछले दो कारोबारी दिवस में 58 पैसे की मजबूती
हालांकि पूरे साल के दौरान रुपये में 509 पैसे यानी 9.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

मुंबई: घरेलू मुद्रा ने सोमवार को 18 पैसे की तेजी लेकर साल का अंत किया लेकिन पूरे साल के दौरान इसमें 9.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. यह हाल-फिलहाल में रुपये के लिए सबसे निराशाजनक साल में से एक रहा. अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में सोमवार को रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 69.77 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. 

हालांकि पूरे साल के दौरान इसमें 509 पैसे यानी 9.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वर्ष 2017 के अंत में घरेलू मुद्रा 63.87 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी. कारोबारियों ने कहा कि वृद्धि की मददगार गति तथा बेहतरीन विदेशी मुद्रा भंडार के कारण रुपये के लिये अगले छह से बारह महीने अनुकूल रहने वाले हैं.

वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने एक शोधपत्र में कहा, "आकर्षक मुद्रास्फीति, आर्थिक वृद्धि, 394 अरब डॉलर का शानदार विदेशी मुद्रा भंडार तथा अमेरिकी डॉलर के स्थिर होते जाना रुपये के लिए सकारात्मक साबित होने वाला है."  उसने कहा कि निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर की चाल, कच्चा तेल की कीमत और निकट लोकसभा चुनाव के परिणाम से रुपये की दिशा निर्धारित होगी. 

रुपया सोमवार को पिछले कारोबारी दिवस यानी शुक्रवार के 69.95 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में मजबूती लेकर 69.76 रुपये प्रति डॉलर पर खुला. कारोबार के दौरान 69.95 रुपये तथा 69.74 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव के बाद यह अंतत: 18 पैसे की बढ़त लेकर 69.77 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. पिछले दो कारोबारी दिवस में यह 58 पैसे मजबूत हो चुका है. 

साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में मामूली गिरावट 
उधर, देश के शेयर बाजार 2018 के आखिरी दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. लगातार तीन सत्र के कारोबार में बढ़त बनाए रखने के बाद वैश्विक संकेतों के चलते सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. बीएसई का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 8.39 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 36,068.33 अंक पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी 2.65 अंक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,862.55 अंक पर बंद हुआ. पूरे 2018 साल में सेंसेक्स 2,011 अंक यानी 5.9 प्रतिशत बढ़ा. 2017 में सेंसेक्स ने 28 प्रतिशत का रिटर्न दिया. जबकि 2016 में इसमें करीब दो प्रतिशत की बढ़त देखी गई थी.

इसी तरह निफ्टी 2018 में 332 अंक यानी 3.2 प्रतिशत बढ़ा. 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी ने 2017 में 28.65 प्रतिशत रिटर्न दिया. जबकि 2016 में इसमें महज तीन प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी. विश्लेषकों के अनुसार 2019 में कच्चे तेल और मुद्रा का रुख, कारपोरेट की कमाई में सुधार, आम बजट और आम चुनाव बाजार को प्रभावित करेंगे. साथ ही अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था के धीमे पड़ने से बाजार का रुख तय होगा.

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