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1 अक्टूबर से बदल जाएंगे SBI के 6 नियम, हर खाताधारक को जानना जरूरी

अगर आपका अकाउंट भी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है तो यह खबर आप जरूर पढ़ लीजिए. दरअसल एसबीआई की तरफ से 1 अक्टूबर से कुछ सर्विस चार्ज में बदलाव किए जा रहे हैं.

1 अक्टूबर से बदल जाएंगे SBI के 6 नियम, हर खाताधारक को जानना जरूरी

नई दिल्ली : अगर आपका अकाउंट भी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है तो यह खबर आप जरूर पढ़ लीजिए. दरअसल एसबीआई की तरफ से 1 अक्टूबर से कुछ सर्विस चार्ज में बदलाव किए जा रहे हैं. इन बदलावों का असर एसबीआई के देशभर में मौजूद सभी 32 करोड़ खाताधारकों पर पड़ेगा. इन बदलावों के तहत बैंक की तरफ से मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) मेंटेन नहीं करने पर पेनाल्टी में 80 प्रतिशत तक की कमी आ जाएगी. इसके अलावा भी बैंक की तरफ से कुछ और बदलाव किए जा रहे हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने वालों के लिए NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन भी सस्ता हो जाएगा.

पहला बदलाव
अभी आपका खाता यदि मेट्रो सिटी और शहरी इलाके की ब्रांच में है तो आपको खाते में एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) क्रमश: 5,000 रुपये और 3,000 रुपये रखना होता है. लेकिन 1 अक्टूबर से मेट्रो सिटी की ब्रांच और शहरी इलाके की ब्रांच दोनों में ही एएमबी घटकर तीन हजार रुपये रह जाएगा.

दूसरा बदलाव
यदि शहरी क्षेत्र में रहने वाला कोई खाताधारक 3000 रुपये का बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाता और उसका बैलेंस 75 प्रतिशत से ज्यादा कम है तो उसे 15 पेनाल्टी और जीएसटी देनी होगी. अभी यह 80 रुपये और जीएसटी है. इसी तरह 50 से 75 प्रतिशत कम बैलेंस रखने वाले को 12 रुपये और जीएसटी चुकाना होगा, जो कि अभी 60 रुपये और जीएसटी होगा. 50 प्रतिशत कम बैलेंस होने पर 10 रुपये और जीएसटी देना होगा.

तीसरा बदलाव
अभी एसबीआई में सैलरी अकाउंट, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, पीएम जनधन योजना खाते एएमबी में शामिल नहीं होते. लेकिन 1 अक्टूबर से नो​​ फ्रिल अकाउंट, पहला कदम व पहली उड़ान अकाउंट, 18 साल की उम्र के नाबालिग, पेंशनर, सीनियर सिटीजन और 21 साल तक के छात्रों के अकाउंट एएमबी से बाहर होंगे.

चौथा बदलाव
एसबीआई के डिजिटल मोड से आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से ट्रांजेक्शन करने को 1 जुलाई से फ्री कर चुका है. लेकिन अब 1 अक्टूबर से ब्रांच से NEFT/ RTGS करने पर भी पहले के मुकाबले कम शुल्क लिया जाएगा. अब 10 हजार तक की ब्रांच से एनईएफटी से कराने पर 2 रुपये, एक लाख से दो लाख तक की एनईएफटी पर 12 रुपये, दो लाख से ज्यादा की एनईएफटी पर 20 रुपये के अलावा जीएसटी देना होगा. इसी तरह दो लाख से 5 लाख तक के आरटीजीएस पर 20 रुपये और 5 लाख से ज्यादा के आरटीजीएस पर 40 रुपये और जीएसटी देना होगा.

पांचवां बदलाव
SBI के एटीएम चार्ज भी 1 अक्टूबर से बदल जांएगे. ग्राहक 6 मेट्रो सिटी के एटीएम में से 10 फ्री ट्रांजेक्शन (नकद निकासी) कर सकेगा. अन्य शहरों के एटीएम से 12 फ्रीर ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगे. सभी शहरों में सैलरी अकाउंट वाले एसबीआई एटीएम पर ज्यादा ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं.

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छठा बदलाव
सेविंग्स अकाउंट वालों के लिए एक वित्तीय वर्ष में पहले 10 चेक फ्री होंगे. इसके बाद 10 चेक वाली चेकबुक के लिए 40 रुपये और जीएसटी चुकानी होगी. वहीं 25 चेक वाली चेकबुक के लिए 75 रुपये और जीएसटी बैंक की तरफ से लिया जाएगा. सीनियर सिटीजन और सैलरी अकाउंट वालों के लिए चेक बुक फ्री रहेगी.