शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक के नए गवर्नर नियुक्त, उर्जित पटेल के इस्तीफे के एक दिन बाद ही हुआ फैसला

उर्जित पटेल ने सोमवार को अप्रत्याशित रूप से रिजर्व बैंक गवर्नर के पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था.

शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक के नए गवर्नर नियुक्त, उर्जित पटेल के इस्तीफे के एक दिन बाद ही हुआ फैसला
फोटो : IANS

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी शक्तिकांत दास को मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया गवर्नर नियुक्त किया गया. दास, उर्जित पटेल का स्थान लेंगे जिन्होंने सोमवार को अप्रत्याशित रूप से रिजर्व बैंक गवर्नर के पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था. शक्तिकांत दास (61) की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है. एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है. वह 83 वर्ष पुरानी संस्था के 25वें गवर्नर होंगे. 

तीन साल के लिए नियुक्त किया गया गवर्नर
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ''मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को तीन साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर नियुक्त किये जाने को अपनी मंजूरी दे दी.'' दास, 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी थे. वह मई, 2017 में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत हुए. वह जी-20 सम्मेलन के लिए भारत के शेरपा और वित्त आयोग के सदस्य भी रहे. 

दास के पास तीन अलग-अलग वित्त मंत्रियों के साथ काम करने का अनुभव
तीन अलग-अलग वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम, प्रणब मुखर्जी और अरुण जेटली के साथ समान सहजता से काम कर चुके दास ऐसे व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं, जो समस्या सुलझाने के लिए गतिरोधवादी रवैया नहीं रखते हैं. आरबीआई प्रमुख के पद पर पांच साल के बाद फिर से एक आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) नियुक्त किया गया है. इससे पहले रघुराम राजन, तीन साल और उर्जित पटेल दो साल इस पद पर रहे हैं. ये दोनों अर्थशास्त्री हैं.

केंद्र ने चुना आरबीआई से बाहर का व्यक्ति 
पहले यह माना जा रहा था कि सरकार रिजर्व बैंक के भीतर से ही किसी को संस्थान का प्रमुख चुनेगी, लेकिन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने एक दिन के भीतर ही रिजर्व बैंक के गवर्नर के लिये दास को चुना. वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट जारी कर कहा, ''सरकार ने डॉ. उर्जित पटेल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है जिन्होंने कल पद से इस्तीफा दे दिया था.'' 

दास ने नोटबंदी के समय निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
इस बीच, वित्त सचिव एएन झा ने कहा कि शक्तिकांत दास का राज्य सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार में व्यापक अनुभव रहा है. दास ने नोटबंदी के समय अर्थव्यवस्था में नए नोट पहुंचाने का काम बखूबी निभाया. आठ नवंबर 2016 की रात अचानक 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने के बाद आर्थिक तंत्र की 86 प्रतिशत मुद्रा को एक झटके में वापस ले लिया गया था. इसके बाद आर्थिक गतिविधियों को संभालने का काम काफी अहम था.

आरबीआई गवर्नर के पद पर ज्यादातर रहे हैं नौकरशाह
दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर दास को केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनने के साथ ही वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग का कार्यभार सौंपा गया. इसके बाद उन्हें आर्थिक मामले विभाग में स्थानांतरित किया गया. वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के कामकाज में रिजर्व बैंक और मौद्रिक नीति की देखरेख भी आती है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद ज्यादातर नौकरशाहों के पास ही रहा है. केंद्र की बीजेपी सरकार ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को दूसरा कार्यकाल नहीं दिया. उनके जाने के बाद अर्थशास्त्री उर्जित पटेल को केंद्रीय बैंक का प्रमुख बनाया. लेकिन उर्जित पटेल के इस्तीफा देने के बाद रिजर्व बैंक गवर्नर का पद एक बार फिर से एक (सेवानिवृत्त) सरकारी अधिकारी के पास चला गया है. 

(इनपुट भाषा से)

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