close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन टूटा, Sensex 135 अंक गिरकर बंद

 सेंसेक्स 135 अंक लुढ़क कर करीब 37,848 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 60 अंक गिरकर 11,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ.

शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन टूटा, Sensex 135 अंक गिरकर बंद
फाइल फोटो.

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट जारी रही. सेंसेक्स 135 अंक लुढ़क कर करीब 37,848 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 60 अंक गिरकर 11,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 7.49 अंकों की बढ़त के साथ 37,990.23 पर खुला लेकिन सत्र के आखिर में 135.09 अंकों यानी 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 37,847.65 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स का ऊपरी स्तर 38,102.84 जबकि निचला स्तर 37,708.41 रहा. 

सेंसेक्स के 30 में से छह शेयरों में तेजी रही जबकि 24 शेयरों में गिरावट रही. सेंसेक्स के सबसे अधिक तेजी वाले शेयरों में एशियन पेंट (3.42 फीसदी), हिंदुस्तानलीवर (2.06 फीसदी), एचडीएफसी (1.84 फीसदी), एचसीएलटेक (0.95 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.70 फीसदी ) शामिल रहे. सेंसेक्स के सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में इंडसइंड बैंक (3.87 फीसदी), बजाज फाइनेंस (3.17 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.17 फीसदी), टाटा स्टील (3.06 फीसदी) और हीरोमोटोकार्प (2.63 फीसदी ) शामिल रहे. 

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.6 अंकों की कमजोरी के साथ 11,372.25 पर खुला और 59.75 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 11,271.30 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार के दौरान निफ्टी का ऊपरी स्तर 11,359.75 जबकि निचला स्तर 11,229.80 रहा. 

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. मिडकैप सूचकांक 205.72 अंकों यानी 1.48 फीसदी की गिरावट के साथ 13,709.77 पर बंद हुआ और स्मॉलकैप सूचकांक 162.66 अंकों यानी 1.23 फीसदी की गिरावट के साथ 13,043.57 पर रहा. बीएसई के सभी 19 सेक्टरों के सूचकांकों में सिर्फ एफएमसीजी सेक्टर का सूचकांक 0.17 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ बाकी सभी सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई. सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टरों में धातु (2.48 फीसदी), ऑटो (1.98 फीसदी), आधारभूत सामग्री (1.91 फीसदी), तेल व गैस (1.67 फीसदी) और औद्योगिक (1.61 फीसदी) शामिल रहे.