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सीसीडी के शेयर में भारी गिरावट, मालिक के लापता होने से निवेशक परेशान

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन सीसीडी के शेयर में मंलगवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. कॉफी शॉप के शेयर में यह गिरावट मालिक वीजी सिद्धार्थ के लापता होने के बाद आई है.

सीसीडी के शेयर में भारी गिरावट, मालिक के लापता होने से निवेशक परेशान

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन सीसीडी के शेयर में मंलगवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. कॉफी शॉप के शेयर में यह गिरावट मालिक वीजी सिद्धार्थ के लापता होने के बाद आई है. मंगलवार को कारोबारी सत्र की शुरआत में ही सीसीडी का शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गया. इसके साथ ही शेयर में लोअर सर्किट लग गया. आपको बता दें वीजी सिद्धार्थ सीसीडी के मालिक हैं और पूर्व मुख्‍यमंत्री एसएम कृष्‍णा के दामाद हैं. सिद्धार्थ के सोमवार शाम से अचानक लापता होने से निवेशकों ने अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है.

सोमवार को 191.75 रुपये के स्तर पर बंद हुआ
आपको बता दें सोमवार को कारोबार के अंत में सीसीडी का शेयर 191.75 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था. मंगलवार सुबह कारोबार शुरू होने के कुछ देर बार ही यह 20 प्रतिशत यानी 38.35 रुपये की गिरावट के साथ 153.40 के स्तर पर पहुंचा गया. इसके साथ ही इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया है. आपको बता दें सिद्धार्थ के लापता होने से उनका परिवार और निवेशक सभी परेशान हैं. दक्षिण कन्‍नड़ पुलिस उनकी खोजबीन में जुटी हुई है.

सोमवार शाम से लापता हैं वीजी सिद्धार्थ
सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ कारोबार के सिलसिले में इनोवा से सोमवार को चिकमगलूर गए थे. उसके बाद वह केरल जा रहे थे. लेकिन मंगलुरू के एक निकट एक नेशनल हाईवे पर उन्‍होंने ड्राइवर से कार रोकने के लिए कहा और गाड़ी से उतर गए. उसके बाद से वह अभी तक लापता हैं. उनका फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है. इस बीच उनका एक पत्र भी सामने आया है. 27 जुलाई को उन्‍होंने ये पत्र अपने कॉफी डे के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लिखा था.

डायरेक्‍टर्स और कर्मचारियों को लिखा पत्र
इस पत्र में उन्‍होंने लिखा है कि 37 साल के कठिन परिश्रम से अपनी कंपनियों में 30 हजार नौकरियों को सृजित किया. उस टेक्‍नोलॉजी कंपनी में भी 20 हजार नौकरियां सृजित कीं जिसमें इसकी शुरुआत से ही बड़े शेयरधारक रहे. लेकिन अपने तमाम प्रयासों के बावजूद इन कंपनियों को लाभ का बिजनेस बनाने में नाकाम रहे. साथ ही उन्‍होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा कि मुझ पर कर्जदाताओं का अत्‍यधिक दबाव है. किसी को धोखा देना मकसद कभी नहीं रहा लेकिन एक उद्यमी के रूप में विफल रहे. उम्‍मीद है कि किसी दिन आप लोग इसको समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे.