शिप रीसाइक्लिंग बिल 2019 को राज्यसभा की मंजूरी, शिपिंग मंत्री ने कहा- बढ़ेंगे रोजगार के मौके

ज़ी न्यूज़ ने मिनिस्टर ऑफ स्टेट (शिपिंग) मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) से बातचीत की. पढ़ें इस बातचीत के खास अंश...

शिप रीसाइक्लिंग बिल 2019 को राज्यसभा की मंजूरी, शिपिंग मंत्री ने कहा- बढ़ेंगे रोजगार के मौके

नई दिल्ली: देश मे बढ़ते शिप रीसाइक्लिंग की डिमांड को लेकर संसद में पेश शिप रीसाइक्लिंग बिल 2019 (Ship Recycling bill 2019) को सोमवार (9 दिसंबर) को सदन की मंजूरी मिल गई. ज़ी न्यूज़ ने मिनिस्टर ऑफ स्टेट (शिपिंग) मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) से बातचीत की. पढ़ें इस बातचीत के खास अंश...

सवाल: इस बिल का लंबे समय से इन्तज़ार था. क्या बदलाव आने वाले है शिपिंग इंडस्ट्री में?
जवाब: ये एक बड़ा कदम है. पूरी दुनिया मे 53,000 मर्चेंट शिप है जिसमें से हर साल एक हज़ार शिप का रीसाइक्लिंग होता है. इनमें से अकेले भारत में करीब 300 शिप का रीसाइक्लिंग होता है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि देश की 10% स्टील की जरूरत शिप रीसाइक्लिंग से पूरी होगी और बड़ी संख्या में लोगों को इससे फायदा मिलेगा. आप जानते हैं कि गुजरात में बिहार और दूसरे राज्यों से आए बड़ी संख्या में लेबर शिप इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. इससे लोगों को काफी फायदा होने वाला है.

सवाल: भारत मे शिपिंग रीसाइक्लिंग को लेकर हमेशा से ये भी सवाल उठते रहे हैं कि इससे पर्यावरण को खतरा हो सकता है अगर किसी शिप में टॉक्सिक मटेरियल हो तो फिर क्या होगा?
जवाब: यह सबसे अहम सवाल है. इस बिल में ऐसी व्यवस्था की गई है कि ऐसे टॉक्सिक शिप न बनाए जाएं. किसी भी शिप जिसका रीसायकल होना है उसके बारे में पूरी जानकारी देनी होगी और उसके बाद ही रीसाइक्लिंग की जाएगी. उन सभी जगहों पर जहां रीसाइक्लिंग होनी है वहां सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं.

सवाल: इस नए बिल से शिपिंग इंडस्ट्री को क्या फायदा होगा?
जवाब: शिप की रीसाइक्लिंग के लिए भारत के लगभग सभी पोर्ट के पास पर्याप्त जमीन है. देश की इकोनॉमी में इसका बड़ा योगदान होने वाला है. शिप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री का पूरी दुनिया में 1.3 बिलियन डॉलर का बिजनेस है. इस बिल के बाद अब ये 2 बिलियन डॉलर को पार होने की संभावना है.