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इस शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल किया तो होगी 5 साल की जेल, लगेगा 1 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़ में सिंगल यूज़ प्लास्टिक और थर्मोकोल का इस्तेमाल करने से जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है. चंडीगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.

इस शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल किया तो होगी 5 साल की जेल, लगेगा 1 लाख का जुर्माना

नई दिल्ली : चंडीगढ़ में सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single Use Plastic) और थर्मोकोल का इस्तेमाल करने से जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है. चंडीगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) बैन करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. जारी की गई अधिसूचना के तहत शहर में अब किसी भी तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) और थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम- 1986 की धारा 15 के तहत, जो कोई भी इन आदेशों का पालन करने में विफल रहता है, उसे अधिकतम पांच साल की सजा या 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और खास मामलों में दोनों एक साथ लगाए जा सकते है.

5000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया
चंडीगढ़ पर्यावरण विभाग के निदेशक देवेंद्र दलाई ने इस बारे में जानकारी दते हुए बताया कि हम लोगों को डरा नहीं रहे है लेकिन एनजीटी के आदेशों के बावजू़द भी लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं. 5000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया है लेकिन फिर भी लोग सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए सख्ती दिखाई जा रही है. दलाई ने कहा कि लोगों को कई दिनों से लोगों को जागरूक कर रहें हैं और जागरूकता अभियान फिलहाल जारी रहेगा लेकिन अगर लोग जानबूझकर नियमों की उल्लघंना करते नज़र आए तो उनको प्रावधानों के तहत सज़ा दी जाएगी और ज़ुर्माना भी लगाया जाएगा.

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दुकानदारों और शोरूम संचालकों पर भी होगी कार्रवाई
देवेंद्र दलाई ने कहा कि सख्ती सिर्फ आम लोगों पर नहीं होगी बल्कि दुकानदारों और शोरूम संचालकों पर भी होगी. जिन दुकानों और शोरूम पर बैन के बावजूद पॉलीथिन, प्लास्टिक और थर्मोकोल का इस्तेमाल होते मिलेगा, उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जाएंगे. दुकान-शोरूम सील करने का प्रावधान भी किया गया है. उन्होंने कहा आज से प्लास्टिक, थर्माकोल, स्टायरोफोम वस्तुओं का दुकानदार, विक्रेता, होल सैलर विक्रेता, व्यापारी, फेरीवाला या रेहड़ीवाला, कोई भी व्यक्ति निर्माण, भंडारण, आयात, बिक्री, आपूर्ति या उपयोग नहीं कर सकता.

चंडीगढ़ प्रशासन दृारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक और थर्मोकोल बैन को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए प्रोटोकॉल गाइडबुक भी बांटी जा रही है, ताकि लोगों को मालूम हो कि प्लास्टिक की किस चीज के इस्तेमाल पर आज से बैन लग गया है और किस चीज पर 3 महीने बाद बैन लगेगा.

इनके इस्तेमाल पर आज से बैन
- सिंगल यूज प्लास्टिक कटलरी (प्लेट, कप, गिलास, बाउल, फोर्क, चाकू, चम्मच, स्ट्रा)
- थर्मोकॉल/स्टेयरोफाम कटलरी (प्लेट, कप, गिलास, बाउल इत्यादि)
- सिंगल यूज प्लास्टिक कंटेनरस ( बाउल, ट्रे, गिलास, लिडस) 250 माइक्रोन से कम
- फूड आइटम की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सिल्वर एल्यूमीनियम, प्लास्टिक बैग या पाउच
- ड्रिंकिग वाटर सील्ड ग्लास और प्लास्टिक मिनरल वाटर पाउच
- एक बार इस्तेमाल होने वाले रेजर्स, पेन
- डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक और थर्मोकोल
- डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली रैपिंग, पैकिंग शीट, फ्रिल्स, गारलैंड, पार्टी ब्लूपर्स, प्लास्टिक रिबन
- नॉन वोवेन पोलीप्रोपोलिन बैग
- हैंडल और बिना हैंडल के सभी साइज और रंग में प्लास्टिक/पॉलीथिन कैरी बैग

ये चीजें तीन महीने बाद होंगी बैन
- 50 माइक्रोन्स से कम किसी भी तरह की इंडस्ट्रियल पैकेजिंग
- सिंगूल यूज़ प्लास्टिक कंटेनर यानी कि डेरी आइटम में इस्तेमाल होने वाली 250 माइक्रोन से कम की पैकेजिंग, खीर, आइसक्रीम के कंटेनर आदि.
- 50 एमएल/50 ग्राम से कम पैकेजिंग कैपेस्टी के सैशे
- ईयर बड में इस्तेमाल होनी वाली प्लास्टिक स्टिक्स, बैलून, फ्लैग, कैंडीस
- 500 एमएल क्वांटिटी से कम प्लास्टिक रीफिल पाउच
- टेट्रा पैक के साथ मिलने वाली स्ट्रा
- मल्टीलेयर्ड पैकेजिग जो फूड/स्नैक्स पैकिग में इस्तेमाल होती है.

चंडीगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए आज 3000 लोगों ने केपीटल काम्पलेकस पर शपथ ली. पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने आला अधिकारीयों की मौजूदगी में चंडीगढ़ वासियों को शपथ दिलाई. चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि चंडीगढ़ सिटी ब्यूटीफूल है इसे स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी भी हमारी है उन्होंने कहा चंडीगढ़ हर चीज में आगे रहता है इसलिए इसको जल्द प्लास्टिक मुक्त भी बना लिया जाएगा. इसलिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सख्ती से पाबंदी लगाई गई है.

चंडीगढ़ वासियों का कहना है कि प्रशासन के नियम र्थोड़े सख्त हैं लेकिन अच्छा है क्योंकि लोग डर से ही नियमों का पालन करते हैं. लोगों ने इस दौरान मोटर व्हीकल अधिनियम का हवाला दिया. उन्होनें कहा कि हम चंडीगढ़ को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने में पूरा सहयोग देंगें.

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