छोटे व्यावसायी जीएसटी के लिये तैयार नहीं: CAIT

व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन (कैट) ने आज वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था का क्रियान्वयन सितंबर तक टालने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छोटे कारोबारी अभी इस व्यवस्था के लिये तैयार नहीं हैं। कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, देश के 70% कारोबारियों को अभी डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाना है। ऐसे में इतने कम समय में उनके लिये अपने कारोबार को कंप्यूटरीकृत प्रणाली में लाना बहुत बड़ी चुनौती है।

छोटे व्यावसायी जीएसटी के लिये तैयार नहीं: CAIT

नयी दिल्ली: व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन (कैट) ने आज वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था का क्रियान्वयन सितंबर तक टालने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छोटे कारोबारी अभी इस व्यवस्था के लिये तैयार नहीं हैं। कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, देश के 70% कारोबारियों को अभी डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाना है। ऐसे में इतने कम समय में उनके लिये अपने कारोबार को कंप्यूटरीकृत प्रणाली में लाना बहुत बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, ऐसी स्थिति में जीएसटी को लागू करने की तिथि एक जुलाई से आगे बढ़ाकर उचित समय दिया जाना चाहिये। इस बीच जीएसटी के बारे में एक देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जाये जिसमें देशभर के व्यापारिक संगठनों को शामिल किया जाना चाहिये। कैट हालांकि देश में जीएसटी व्यवस्था को जल्द लागू करने पर जोर देता रहा है। फिर भी उसने सरकार से आग्रह किया है जीएसटी के प्रावधानों को समझने के लिये व्यापारियों को उचित समय दिया जाना चाहिये ताकि वह मौजूदा वैट व्यवस्था से जीएसटी व्यवस्था में आसानी से अपने आप को ढाल सकें।

खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी एक प्रौद्योगिकी आधारित कर प्रणाली है। इसमें ऑनलाइन प्रणाली के जरिये ही अनुपालन किया जायेगा। बजट सत्र के दूसरे चरण में आदर्श जीएसटी कानून के पारित होने के बाद इस प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली को अपनाने के लिये व्यापारियों के पास केवल 60 दिन का समय बचेगा। शिक्षण, प्रशिक्षण और जागरकता के लिये यह समयावधि कम है। खंडेलवाल ने कहा कि इस लिहाज से जीएसटी लागू करने की तिथि एक सितंबर रखना उचित होगा। उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से व्यापारियों की चिंताओं को भी ध्यान में रखने का आग्रह किया है ताकि विसंगतियों को दूर किया जा सके।