ये है भारतीय रेल की 'सुपरहिट' ट्रेन, जल्द विदेशों में मचा सकती है धूम

 ट्रेन-18 ड्राइवरलेस ट्रेन है जो देश की सबसे हाईटेक ट्रेन है. इसकी कम कीमत और ज्यादा खूबियों की वजह से दूसरे देशों ने भी इस ट्रेन को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.

ये है भारतीय रेल की 'सुपरहिट' ट्रेन, जल्द विदेशों में मचा सकती है धूम
विदेशों के मुकाबले ट्रेन-18 के कोच की लागत मूल्य एक चौथाई के बराबर है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मोदी सरकार में भारतीय रेलवे का जबरदस्त विकास हुआ. कई परियोजनाएं जो दशकों से अटकी पड़ी थीं, वे पूरी हुईं. आज उन ट्रैक पर ट्रेन दौड़ रही हैं. इसके अलावा ट्रेन की सुविधाओं में जबरदस्त सुधार आया है. हाल ही में Train-18 का सफल परीक्षण किया गया. यह देश की पहली सेमी बुलेट ट्रेन है जो 180 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती है. ट्रेन-18 ड्राइवरलेस ट्रेन है जो देश की सबसे हाईटेक ट्रेन है. इसकी कम कीमत और ज्यादा खूबियों की वजह से दूसरे देशों ने भी इस ट्रेन को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.

सहयोगी वेबसाइट ज़ीबिज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई इस रेलगाड़ी में साउथ अमेरिका, सिंगापुर, थाईलैंड, चिली, पूर्वी यूरोप, यूएई सहित कई देशों ने इस रेलगाड़ी में रुचि दिखाई है. दुनिया में 200 बिलियन डॉलर का इस तरह की ट्रेनों का बाजार है. अब तक इस बाजार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है. भारत अब तक अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए ही कोच बना पाता था. लेकिन भारतीय रेलवे में इस तरह के आधुनिक कोच और रेलगाड़ियां बनने से अंतररातष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है.

भारतीय रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल ने एक वार्ता के दौरान कहा कि पिछले दो सालों में भारतीय रेलवे का उत्पादन काफी तेजी से बढ़ा है. वहीं हमने आधुनिक ट्रेनें भी बनाना शुरू कर दी हैं. उन्होंने बताया कि Train 18 के सफल परीक्षण के बाद पूरी दुनिया की रुचि इस रेलगाड़ी में बढ़ी है. उन्होंने बताया कि जल्द ही इस रेलगाड़ी को देश में चलाने की घोषणा होगी. साथ ही यह भी संभव है कि जल्द ही इस गाड़ी को निर्यात भी कर सकेंगे.

रेलवे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में ट्रेन-18 जैसी एक कोच की कीमत 20-25 करोड़ रुपये के पास होती है. लेकिन, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने इस कोच को महज 6 करोड़ में तैयार कर लिया है. ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि कई देश इस कोच के लिए ऑर्डर दे सकते हैं. दूसरी तरफ यह ट्रेन एनवायरमेंट और पैसेंजर फ्रेंडली है. भारतीय रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि हम इसमें जरूरत के हिसाब से बदलाव के लिए भी तैयार हैं.

खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मिलने पर इस रेलगाड़ी को जल्द ही नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाया जाएगा. हालांकि इस रेलगाड़ी में यात्रा करने के लिए रेल यात्रियों को अधिक पैसे खर्च करने होंगे. इस गाड़ी को शताब्दी रेलगाड़ियों की जगह पर चलाया जाना है. लेकिन इस गाड़ी का किराया शताब्दी रेलगाड़ियों से कीं अधिक होगा. इस गाड़ी का किराया गतिमान रेलगाड़ी के किराए के करीब हो सकता है. शताब्दी रेलगाड़ियों की तुलना में गतिमान एक्सप्रेस का किराया कहीं अधिक है. उदाहरण के तौर गतिमान एक्सप्रेस से दिल्ली से आगरा तक की यात्रा के लिए यात्रियों को चेयर कार श्रेणी में लगभग 750 रुपये और एक्जीक्यूटिव क्लास की श्रेणी में 1495 रुपये किराया देना होता है. वहीं भोपाल शताब्दी से यदि आप दिल्ली से आगरा तक की यात्रा करते हैं तो आपको चेयर कार श्रेणी के लिए 675 रुपये व एक्जीक्यूटिव क्लास के लिए 1010 रुपये किराया देना होता है.