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मोदी सरकार जुलाई के पहले हफ्ते में पेश कर सकती है बजट, तैयारियां शुरू : सूत्र

मोदी सरकार जुलाई के पहले हफ्ते में बजट पेश कर सकती है. चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश किया था.

मोदी सरकार जुलाई के पहले हफ्ते में पेश कर सकती है बजट, तैयारियां शुरू : सूत्र
सरकार की तरफ से FDI नियमों को आसान बनाने की कोशिश की जाएगी. (File Pic)

नई दिल्ली : नई  मोदी सरकार जुलाई के पहले हफ्ते में बजट पेश कर सकती है. चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश किया था. अंतरिम बजट में कुछ फैसले ऐसे रखे गए थे, जिन्हें जुलाई में पेश होने वाले बजट में पूर्ण रूप दिया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्रालय ने एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के बाद ही बजट का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है. इसी सिलसिले में व्यापारियों के साथ बैठक का दौर जारी है.

नौकरी बढ़ाने वाले क्षेत्रों पर होगा सरकार का फोकस
बजट में सरकार का फोकस इकोनॉमी की ग्रोथ को पटरी पर लाने का होगा. नौकरी बढ़ाने वाले रियल एस्टेट, इंफ्रा और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर भी सरकार ध्यान देगी. किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं को अमल में लाया जाएगा. SMEs की लाभ योजनाओं को पहले से ज्यादा असरदार किया जाएगा. सरकार की रतफ से ‘मेक इन इंडिया’ और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने पर भी जोर है. इसके अलावा FDI के नियमों को और आसान बनाने की कोशिश सरकार की तरफ से की जाएगी. ज्यादातर क्षेत्रों में ऑटोमेटिक रूट से FDI नियमों में छूट, लोगों को नौकरी लायक हुनरमंद बनाने पर भी सकरार फोकस करेगी. बड़े टैक्स सुधार के तौर पर डायरेक्ट टैक्स का खाका तैयार किया जाएगा.

फरवरी में आया था अंतरिम बजट
केंद्र की मोदी सरकार ने 1 फरवरी 2019 को परंपरा के मुताबिक, चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश किया था. लेकिन, बजट पेश करने से पहले ही सरकार ने इशारा दिया था कि यह बजट पूर्ण बजट की ही छवि है. बजट डॉक्यूमेंट पर भी अंतरिम बजट नहीं लिखा गया था.

FICCI के साथ भी हुई बैठक
वित्त मंत्रालय ने 19 मई को आए एग्जिट पोल के बाद से ही बजट की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने सबसे पहले FICCI के अधिकारियों के साथ बैठक की. वहीं, दूसरे उद्योग संगठनों के साथ भी बजट संबंधी बैठकें हो चुकी हैं. सूत्रों की मानें तो मंत्रालय ने दूसरे मंत्रालयों से भी सुझाव मंगाए हैं. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ अधिकारियों को बजट को लेकर डॉक्यूमेंटेशन करने की जिम्मेदारी 19 मई को ही सौंप दी गई थी.