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टैक्स विवाद में फंस चुके हैं वीजी सिद्धार्थ, 650 करोड़ की अवैध आय का पता चला था

देश की मशहूर कॉफी चेन सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता हैं. उनके गायब होने की खबर के बीच सीसीडी के शेयर में लोअर सर्किट लग गया और यह 20 प्रतिशत तक गिर गया.

टैक्स विवाद में फंस चुके हैं वीजी सिद्धार्थ, 650 करोड़ की अवैध आय का पता चला था

नई दिल्ली : देश की मशहूर कॉफी चेन सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता हैं. उनके गायब होने की खबर के बीच सीसीडी के शेयर में लोअर सर्किट लग गया और यह 20 प्रतिशत तक गिर गया. आपको बता दें पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्‍णा के दामाद सिद्धार्थ पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. साल 2017 में टैक्स चोरी मामले में आयकर विभाग ने उनके खिलाफ जाचं की थी. उस समय आयकर विभाग के अधिकारियों ने सिद्धार्थ के 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी.

शेयर बिक्री पर छह महीने के लिए रोक लगाई
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उनके बारे में 650 करोड़ रुपये की अवैध आय के बारे में जानकारी मिली थी. आपको बता दें सिद्धार्थ को माइंडट्री (MindTree) में 20 प्रतिशत हिस्सा बेचने में देरी हुई. आयकर विभाग ने ही वीजी सिद्धार्थ को सीसीडी के शेयर बिक्री करने से रोका था. 6 जनवरी 2019 को सीसीडी के 74.9 लाख शेयर बिक्री पर 6 महीने की रोक लगाई गई थी.

पूर्व डीजी पर परेशान करने का आरोप
टैक्स मांग के चलते इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शेयर कब्जे में लिए थे. इसके बाद सिद्धार्थ ने आयकर विभाग के पूर्व डीजी पर परेशान करने का भी आरोप लगाया था. आपको बता दें सिद्धार्थ के लापता होने से उनका परिवार और निवेशक सभी परेशान हैं. दक्षिण कन्‍नड़ पुलिस उनकी खोजबीन में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ कारोबार के सिलसिले में इनोवा से सोमवार को चिकमगलूर गए थे. उसके बाद वह केरल जा रहे थे. लेकिन मंगलुरू के एक निकट एक नेशनल हाईवे पर उन्‍होंने ड्राइवर से कार रोकने के लिए कहा और गाड़ी से उतर गए.

इस बीच सिद्धार्थ का एक पत्र भी सामने आया है. 27 जुलाई को लिखे इस पत्र में उन्‍होंने कॉफी डे के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स और कर्मचारियों को संबोधित किया है. इस पत्र में उन्‍होंने लिखा है 37 साल के कठिन परिश्रम से अपनी कंपनियों में 30 हजार नौकरियों को सृजित किया. उस टेक्‍नोलॉजी कंपनी में भी 20 हजार नौकरियां सृजित कीं जिसमें इसकी शुरुआत से ही बड़े शेयरधारक रहे. उन्‍होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा कि मुझ पर कर्जदाताओं का अत्‍यधिक दबाव है. किसी को धोखा देना मकसद कभी नहीं रहा लेकिन एक उद्यमी के रूप में विफल रहे. उम्‍मीद है कि किसी दिन आप लोग इसको समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे.