आखिर क्यों टल गई नीरव मोदी की संपत्ति नीलामी की कार्रवाई, जानिए वजह
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आखिर क्यों टल गई नीरव मोदी की संपत्ति नीलामी की कार्रवाई, जानिए वजह

बेशकीमती पेंटिंग्स, लग्जरी कारें, घड़ियां और दूसरी कीमती सामानों की नीलामी 5 मार्च को की जाएंगी.

आखिर क्यों टल गई नीरव मोदी की संपत्ति नीलामी की कार्रवाई, जानिए वजह

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) घोटाला मामले में देश छोड़कर भाग चुके नीरव मोदी (Nirav Modi) के संपत्ति नीलामी की कार्रवाई टल गई है. नीलामी टालने का फैसला ED  (Enforcement Directorate) के निर्देश के बाद लिया गया. अब मोदी के बेशकीमती पेंटिंग्स, लग्जरी कारें, घड़ियां और दूसरी कीमती सामानों की नीलामी 5 मार्च को की जाएंगी. बताते चलें कि बैंक घोटाले के आरोपी हीरा व्यापारी नीरव मोदी के संपत्ति की नीलामी का जिम्मा मुंबई की सैफरनार्ट को सौंपा है. 

कौड़ी के दाम नीलामी को तैयार नीरव की संपत्ति
जानकारो का कहना है कि जिन पेंटिंग्स को नीलाम किया जाना है उनमें अमृता शेरगिल की 1935 में बनाई पेंटिंग ब्वॉयज विद लेमंस और बैटल ऑफ गंगा एंड यमुना शामिल हैं. इनकी बिक्री से 12 करोड़ से 18 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. इसके अलावा मशहूर चित्रकार एमएफ हुसैन की 1972 में बनाई पेंटिंग की नीलामी से भी अच्छी खासी रकम जुटने की उम्मीद  है. इसके अलावा नीरव मोदी की आधुनिक और लग्जरी कार रोल्स रॉयस भी नीलाम होनी है जिसकी कीमत तकरीबन 75 से 95 लाख रुपए  है. जबकि पोर्श पनामेरा कार की कीमत 10 से 15 लाख रुपए रखी गई है. नीरव मोदी की बेशकीमती घड़ियों की भी ऑनलाइन बोली लगेगी.

उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13 हजार करोड़ रुपये की जालसाजी करने वाले मामा-भांजे मेहुल चोकसी और नीरव मोदी जनवरी 2018 में देश से फरार हो गए थे. नीरव मोदी को 19 मार्च में लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद लंदन की अदालत में उसके प्रत्यर्पण का मुकदमा चल रहा है. 29 मार्च 2018 को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट के जज एम्मा अर्बथनॉट ने 48 साल के नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया. फिलहाल मोदी का मुकदमे पर लंदन में सुनवाई जारी है.

पीएनबी स्कैम का दूसरे आरोपी और नीरव मोदी के रिश्तेदार मेहुल चोकसी इस वक्त एंटीगुआ में ही है. उसने जनवरी, 2018 महीने में एंटीगुआ की नागरिकता ली थी. मेहुल चोकसी ने जनवरी में एंटीगुआ स्थित इंडियन हाईकमीशन में अपना पासपोर्ट जमाकर दिया था. मेहुल चोकसी ने भी एंटीगुआ में निवेश का बहाना बनाकर वहां की नागरिकता ली थी. मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए भारतीय एजेंसिया एंटीगुआ में लगातार कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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