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डब्ल्यूटीओ बैठक अंतिम चरण में, भारत को समाधान की उम्मीद

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की मंत्रिस्तरीय बैठक को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच भारत समाधान की उम्मीद लगाये हुए है। हालांकि, बैठक में खाद्यान्नों के सार्वजनिक भंडारण और किसानों के लिये विशेष सुरक्षा उपाय को लेकर विकसित देशों ने काफी सख्त रवैया अपनाया हुआ है।

नैरोबी : विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की मंत्रिस्तरीय बैठक को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच भारत समाधान की उम्मीद लगाये हुए है। हालांकि, बैठक में खाद्यान्नों के सार्वजनिक भंडारण और किसानों के लिये विशेष सुरक्षा उपाय को लेकर विकसित देशों ने काफी सख्त रवैया अपनाया हुआ है।

डब्ल्यूटीओ की मंगलवार को शुरू हुई चार दिवसीय बैठक अपने अंतिम चरण में है, लेकिन निर्यात पर दी जाने वाली सब्सिडी और विकासशील देशों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर आम सहमति अभी कहीं नहीं दिखाई दी है। बैठक परिसर में इस तरह की भी चर्चाएं हैं कि बातचीत को एक या दो दिन बढ़ाया जा सकता है ताकि विभिन्न देशों के व्यापार मंत्रियों के बैठक में कोई कामकाज निदान तक पहुंचने में मदद मिल सके।

सोशल मीडिया में डब्ल्यूटीओ बैठक को लेकर दोष मढ़ने का खेल शुरू हो चुका है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट पर कहा, 'भारतीय टीम सभी मुद्दों पर सकरात्मक ढंग से बात कर रही है। पिछली रात बातचीत 3 बजे तक जारी रही। क्या भारत डब्ल्यूटीओ बैठक में बाधा खड़ी कर रहा है? इससे सहमत नहीं।' 

सूत्रों का कहना है कि एक तरफ भारत जहां दोहा दौर के एजेंडे को लेकर जद्दोजहद कर रहा है वहीं लगता है कि नैरोबी की इस मंत्रिस्तरीय बैठक में अमेरिका कृषि सब्सिडी पर दोहा विकास एजेंडे को हमेशा के लिये दफना देने पर अड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत को डब्ल्यूटीओ की इस बैठक में किसानों के हितों की सुरक्षा के लिये काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हालांकि बैठक के मेजबान देश केन्या का कहना है कि बातचीत को लेकर कोई संकट नहीं है और यह अपने नियमित समयानुसार पूरी हो जाएगी।