Zee News DNA on Muslim Reservation: धार्मिक आरक्षण का मुद्दा दूसरे चरण के चुनाव से पहले कर्नाटक और तेलंगाना से उठा था और अब छठा चरण आते-आते अपने पीक पर है. बंगाल में कलकत्ता हाईकोर्ट के फ़ैसले ने इसे नया हाइप दे दिया है. धार्मिक आरक्षण के मुद्दे में कितना दम है?..खुद मुसलमान इस बारे में क्या कहते हैं, आपको बताएंगे. इससे पहले आपको बताते हैं कि संविधान में आरक्षण को लेकर क्या कहा गया है. 


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संविधान में सिर्फ पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की बात


संविधान में सिर्फ़ पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था है. इस दायरे में मुसलमान भी हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के फ़ैसले को बीजेपी अपने दावे की एक और कन्फर्मेशन बता रही है कि INDI अलायंस अगर सत्ता में आया तो उसका एजेंडा मुसलमानों पर OBC का लेबल चिपकाने का और हिंदू दलितों-पिछड़ों के हिस्से का आरक्षण उनके खाते में डाल देने का है. बीजेपी के इस नैरेटिव को ममता बनर्जी ने और दम दे दिया. जब वो मुसलमानों को OBC में हिस्सा देने के लिये खुलकर मैदान में आ गईं.


इंडी गठबंधन से मुस्लिमों को रिजर्वेशन की आस


यहां ममता पहली नहीं हैं. लालू यादव पूर्ण मुस्लिम आरक्षण की बात बोलकर 4 घंटे में पलट गये थे. अब समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने कहा है कि मुसलमान INDI अलायंस से उम्मीद लगाए बैठा है. ओवैसी भी बोल रहे हैं मुसलमान पूर्ण आरक्षण का हक़दार है. संविधान का अनुच्छेद 15 और 16 कहता है कि धार्मिक आरक्षण संभव नहीं है. लेकिन यहां अंदेशा धर्म को जाति के लिफ़ाफे में डालकर आरक्षण देने पर जा रहा है. 


'वे पिछले दरवाजे से आरक्षण पर डाका डाल रहे'


मुस्लिम आरक्षण को लेकर राहुल गांधी पर निशाना चाहते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान में लिखा है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं मिलेगा. राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर फिरते रहते हैं. मुझे नहीं पता कि वह कितने पढ़े लिखे हैं और उन्होंने कितना पढ़ा है. यह सभी पिछले दरवाजे से आपके आरक्षण के ऊपर डाका डालकर धर्म के नाम पर आरक्षण लाना चाहते हैं. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दो दो बार आरक्षण देने का प्रयास किया तो वहीं ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम जाति को डालने का प्रयास किया.


अल्पसंख्यक संस्थाएं बनाकर छीन लिया आरक्षण- जयशंकर


वहीं विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा कि इस देश में आरक्षण पर हमला किसने किया है? कांग्रेस पार्टी और INDI गठबंधन के
कुछ अन्य दलों ने. उन्होंने सिस्टेमेटिक तरीके से argument of faith का इस्तेमाल किया है और अल्पसंख्यक संस्थाएं बनाईं. जिनके पास आरक्षण था, उनसे आरक्षण छीन लिया गया. संविधान में 80 संशोधन किसके द्वारा किए गए थे? तो वह पार्टी जिसके पास संविधान को बदलने का सर्वोच्च रिकॉर्ड है, अब यह कहने की हिम्मत कर रही है कि दूसरों की संविधान को लेकर मंशा क्या है!