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Yo-Yo Test में फेल होने पर बोले मोहम्मद शमी- मैं पारिवारिक समस्या से जूझ रहा था

यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद मोहम्मद शमी को टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था, लेकिन वे वापसी करने में सफल रहे. 

Yo-Yo Test में फेल होने पर बोले मोहम्मद शमी- मैं पारिवारिक समस्या से जूझ रहा था
मोहम्मद शमी ने आईपीएल-12 में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए 14 मैच में 19 विकेट लिए हैं. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम जब एक साल पहले खेल रही थी, तो मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) इसमें शामिल नहीं थे. जून 2018 में फिटनेस टेस्ट में फेल होने के बाद तो उन्हें टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था. लेकिन इस खिलाड़ी ने कुछ महीनों में ही ना सिर्फ टीम में वापसी की, बल्कि अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से टीम की ताकत भी बन गए हैं. आईपीएल में पंजाब के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मोहम्मद शमी ने कहा, ‘ लोगों ने मेरे यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test) में फेल होने की बात की. उन लोगों को यह अहसास नहीं हुआ कि मैं उस समय मानसिक रूप से मैदान पर उतरने के लिए तैयार नहीं था.’ मोहम्मद शमी विश्व कप (World Cup 2019) में भारत की प्रमुख ताकत होंगे.  

भारतीय टेस्ट टीम का अभिन्न हिस्सा माने जाने वाले शमी पिछले साल अफगानिस्तान के साथ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे. हालांकि, बाद में उन्होंने शानदार वापसी की. मोहम्मद शमी ने कहा, ‘उस समय मेरे साथ कुछ पारिवारिक समस्याएं थीं. मेरा फिटनेस टेस्ट अच्छा नहीं हुआ था. मैं स्वीकार करता हूं कि मैं नाकाम रहा था. तब मैं मानसिक रूप से उस स्थिति में नहीं था, जहां टेस्ट मैच पर ध्यान केंद्रित कर सकता था. मैं मानसिक रूप से तैयार नहीं था और फिर अचानक उसी समय यो-यो टेस्ट से गुजरना पड़ा, जिससे मैं हड़बड़ा गया.’ 

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मैंने 12 से 14 किलो वजन कम किया
मोहम्मद शमी ने आगे कहा कि उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से लिया और महसूस किया कि आलोचकों को इसका जवाब देने के बजाय उन्हें अपने काम को करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘उस समय दबाव था, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे अपनी फिटनेस पर काम करना है और मजबूती से वापसी करनी है. तब मैंने 12 से 14 किलो तक अपना वजन कम किया. अब आप देख सकते हैं कि अब मेरी शारीरिक फिटनेस सही है बल्कि अब मेरी गेंदबाजी में भी लय और गति देखने को मिलती है.’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से लौटा आत्मविश्वास
मोहम्मद शमी ने आईपीएल-12 में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए 14 मैचों में 19 विकेट लिए हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ समय के लिए वनडे क्रिकेट नहीं खेल रहा था. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई सीरीज से आत्मविश्वास काफी बढ़ गया, जिसे मैं आईपीएल में कायम रखना चाहता था. इसके अलावा पंजाब के लिए लगातार खेलने से भी मुझे काफी मदद मिली.’ भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, ‘मैं बस मौके का इंतजार कर रहा था क्योंकि मेरे पास वनडे क्रिकेट में अच्छा रिकॉर्ड था. लगभग दो साल तक इंतजार करने के बाद मैंने सोचा था कि जब मुझे मौका मिलेगा तो बताऊंगा कि मैं क्या कर सकता हूं.’

गेंदबाज ही गेंदबाज को समझ सकता है
यह पूछे जाने कि क्या रविचंद्रन अश्चिन की कप्तानी में खेलना नके लिए कुछ अलग था, उन्होंने कहा, ‘यह मजेदार और अलग था. एक गेंदबाज ही अन्य गेंदबाज को समझ सकता है जबकि एक बल्लेबाज दूसरे बल्लेबाज को ही समझ सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच अच्छा तालमेल है क्योंकि हम काफी लंबे समय से साथ खेल रहे हैं और एक दूसरे की ताकत और कमजोरी को अच्छे से जानते हैं. मैं उनके सामने जाकर बेझिझक बात कर सकता हूं.’