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क्रिकेट के 'हाथियों' के बीच 'चींटी' मानी जा रही है यह टीम, क्या नाक में घुसकर करेगी वार?

क्रिकेटप्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि अफगानिस्तान की टीम जिम्बाब्वे (1983), बांग्लादेश (1999), केन्या (2003) और आयरलैंड (2007) की तरह कमाल दिखाए, ताकि टूर्नामेंट का आनंद चरम तक पहुंचे. इस बार इस टूर्नामेंट का फॉर्मेट इस तरह से तैयार किया गया है कि हर टीम एक-दूसरे से टकराएगी तभी फाइनल का टिकट कटा पाएगी.

क्रिकेट के 'हाथियों' के बीच 'चींटी' मानी जा रही है यह टीम, क्या नाक में घुसकर करेगी वार?
ICC Cricket world Cup 2019 : अफगानिस्तान की टीम छुपा रुस्तम साबित हो सकती है.

नई दिल्ली: आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 (ICC Cricket world Cup 2019) का बिगुल बजने से पहले ही लोगों पर क्रिकेट फीवर चढ़ चुका है. इस बार इस टूर्नामेंट का फॉर्मेट इस तरह से तैयार किया गया है कि हर टीम एक-दूसरे से टकराएगी तभी फाइनल का टिकट कटा पाएगी. क्रिकेट महाकुंभ में 10 टीमें ताल ठोक रही हैं. वनडे मैचों की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची सभी टीमें टेस्ट मैच भी खेलते हैं. टीमों के पुराने रिकॉर्ड्स को आधार मानें तो पूरे टूर्नामेंट में सबसे कमजोर अफगानिस्तान की टीम है. हालांकि यह टीम अपने स्तर से पूरी तैयारी के साथ टूर्नामेंट में उतरी है. क्रिकेटप्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि अफगानिस्तान की टीम जिम्बाब्वे (1983), बांग्लादेश (1999), केन्या (2003) और आयरलैंड (2007) की तरह कमाल दिखाए, ताकि टूर्नामेंट का आनंद चरम तक पहुंचे.

सहवाग जैसे ओपनर और शेन वॉर्न जैसे स्पिनर
अफगानिस्तान की टीम में वीरेंद्र सहवाग जैसे ओपनर मोहम्मद शहजाद हैं. शहजाद ओपनिंग ऑर्डर में किसी भी बॉलिंग ऑर्डर को तहस नहस करने में सक्षम हैं. शहजाद ने 82 वनडे मैचों में 87 के स्ट्राइक रेट से 2720 रन बना चुके हैं. वहीं इस टीम के पास शेन वॉर्न की तरह किसी भी पिच पर गेंद स्पिन कराने वाले बॉलर राशिद खान हैं. राशिद ने 59 वनडे मैचों में करीब 15 की औसत से 125 खिलाड़ियों को पवेलियन भेज चुके हैं. अफगानिस्तान की टीम प्रैक्टिस मैच में पाकिस्तान को 3 विकेट से हराकर अपनी धमक को दर्शा चुकी है.

चार साल में काफी मजबूत हुआ है अफगानिस्तान
चार साल में अफगानिस्तान ने अपने आप को बदल डाला और एक ऐसी टीम के तौर पर विश्व कप में जा रही है जो किसी भी टीम को मात दे सकती है. चार साल पहले इस टीम की न बल्लेबाजी चर्चा में थी न गेंदबाजी, लेकिन अब गेंदबाजी के लिहाज से यह टीम खतरनाक टीमों में गिनी जा रही है जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को कम स्कोर पर रोक सकती है और ताश के पत्तों की तरह ढह भी सकती है.

स्पिनरों की तिकड़ी लेकर पहुंचा है अफगानिस्तान
इसमें अहम भूमिका उसके स्पिन गेंदबाजों की नहीं हैं. इसमें राशिद खान, मोहम्मद नबी और मुजीब उर रहमान का बड़ा हाथ है. राशिद का इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2017 में सफल होना उन्हें विश्व पटल पर पहचान दिला गया था, लेकिन अफगानिस्तान की सफलता और क्रिकेट में आए दिन नए पड़ाव पार करने की कहानी भारत में 2016 में खेले गए टी-20 विश्व कप से शुरू हुई थी जहां इस टीम ने बाद में विजेता बनी वेस्टइंडीज को मात दी थी. उस दिन का दिन है, इस टीम ने अपने खेल में सितारे ही जड़े हैं.

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इस टीम का ताकत सही मायनों में गेंदबाजी है. दुबई में खेले गए एशिया कप में भी देखा गया था कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान, भारत जैसी टीमों को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया था. भारत के साथ तो उसने आखिरी समय में मुकाबला टाई करा दिया था.

राशिद हैं अफगान टीम के मुख्य बॉलर
राशिद उसके गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते हैं. यह गेंदबाज दुनिया भर की टी-20 लीगों में दिग्गज बल्लेबाजों के नचा चुका है. कोहली ने भी हाल ही में माना था कि राशिद को खेलना आसान नहीं है क्योंकि वह बहुत तेजी से गेंद करते हैं और बल्लेबाज जब तक कुछ सोच पाता है गेंद बल्ले पर आ जाती हैे. राशिद इस विश्व कप में सभी टीमों के लिए चुनौती रहेंगे.

अफगानिस्तान के पास राशिद की तरह की एक और करिश्माई स्पिनर मुजीब के रुप में मौजूद है. मुजीब भी अपनी फिरकी से आईपीएल में कई बल्लेबाजों को नचा चुके हैं. अव्वल यह है कि इन्हें रास्ता दिखाने के लिए मोहम्मद नबी हैं जो अनुभव के भंडार हैं और 2015 विश्व कप में टीम की कप्तानी कर चुके हैं.

अफगान टीम में तेज गेंदबाजों की भी कमी नहीं
स्पिन के अलावा अफगानिस्तान के पास कुछ अच्छे तेज गेंदबाज भी हैं. इनमें दौलत जादरान, हामिद हसन और नव निुयक्त कप्तान गुलबजीन नैब हैं. इन सभी गेंदबाजों ने हमेशा किफयाती गेंदबाजी की है और यही इनक गेंदबाजी आक्रमण का खासियत है. तेज गेंदबाज रन बचाकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाते हैं और स्पिनर इसका फायदा उठाते हैं.

अफगानिस्तान को अगर संकट आ सकता है तो वह है बल्लेबाजी. उसके गेंदबाजों में दम है कि वह 250-260 का स्कोर भी बचा सकते हैं लेकिन बल्लेबाजी में इतनी गहराई नजर नहीं आती की वह भारत, आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड जैसे मजबूत गेंदबाजी आक्रमणों के सामने 280-300 का स्कोर हासिल कर सके.


राशिद खान.

अहमद शाहजाद, पूर्व कप्तान असगर स्टानिकजाई, हसमातुल्लाह शाहिदी, नजीबुल्लाह जादरान टीम के मुख्य बल्लेबाज हैं. पाकिस्तान के खिलाफ अभ्यास मैच में शाहिदी ने बेहतरीन पारी खेली थी. शाहजाद बीते वर्षो में अच्छा करते आ रहे हैं और इसी तरह बाकी बल्लेबाजों ने टुकड़ो में अच्छा किया है.

ऊलटफेर करने में माहिर है अफगान टीम
अफगानिस्तान के लिए अच्छी बात यह है कि नबी और राशिद भी अच्छा बल्ला चला लेते हैं जिससे निचले क्रम को मजबूती मिलती है. फिर भी देखना होगा कि यह सभी विश्व कप में किस तरह का प्रदर्शन करते हैं. अफगानिस्तान के लिए एक और चिंता इंग्लैंड में खेलने की है. अभी तक इस टीम ने जितने उलटफेर किए हैं और जितनी सफलातएं हासिल की हैं वह लगभग सभी उपमहाद्वीप में की हैं. टीम पहली बार इंग्लैंड में विश्व कप खेलेगी और वहां की परिस्थतियां उपमहाद्वीप से भिन्न हैं. यहां अफगानिस्तान की परीक्षा होगी.

टीम के नेतृत्व में हाल ही में बदलाव भी हुआ है. असगर के स्थान पर अप्रैल में गुलबदीन को कप्तानी सौंपी गई है. बोर्ड के इस फैसले से राशिद और नबी नाराज थे लेकिन मुख्य चयनकर्ता ने कहा था कि दोनों से बात कर मसला सुलक्षा लिया गया है. मुख्य चयनकर्ता ने साथ ही कहा था कि वह बेशक विश्व कप जीत न सकें, लेकिन कई बड़ी टीमों को हराने का दम रखती है. अब देखना होगा अफगानिस्तान किस तरह अपने प्रदर्शन से हैरान करती है.

टीम : गुलबजीन नैब (कप्तान), नूर अली जादरान, हजरतुल्लाह जादरान, असगर स्टानिकजाई, हजरतुल्लाह जाजई, हसमतुल्लाह जादरान, राशिद खान, दौलत जादरान, अफताब आलम, हामिस हसन, मुजीब उर रहमान, रहमत शाह, समिउल्लाह शिनवारी, मोम्मद नबी, मोहम्मद शाहजाद.