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ICC World Cup: ‘चोकर्स’ का दाग हटाने के लिए ट्रॉफी जीतना चाहेगा दक्षिण अफ्रीका

 दक्षिण अफ्रीका की टीम आईसीसी वर्ल्ड कप (ICC World Cup) का पहला मुकाबला खेलेगी. उसका सामना मेजबान इंग्लैंड से होगा. 

ICC World Cup: ‘चोकर्स’ का दाग हटाने के लिए ट्रॉफी जीतना चाहेगा दक्षिण अफ्रीका
वेस्टइंडीज के खिलाफ अभ्यास मैच में हाशिम अमला (दाएं) ने 51 और क्विंटन डिकॉक ने 37 रन बनाए थे. (फोटो: Reuters)

नई दिल्ली: आईसीसी विश्व कप में जब भी दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के नाम का जिक्र होता है तो एक और शब्द इस टीम के साथ जुड़ जाती है. उसे ‘चोकर्स’ के रूप में भी देखा जाता है. इसके पीछे दक्षिण अफ्रीका का विश्व कप (ICC World Cup) का कड़वा इतिहास है. 1992 से लेकर 2015 तक विश्व कप के अहम मौकों पर इस टीम से ऐसी गलतियां हुई हैं, जिसने यह शब्द इसके साथ जोड़ दिया है. दक्षिण अफ्रीका की टीम विश्व कप के फाइनल में कभी भी नहीं पहुंच सकी है. इस बार इंग्लैंड एंड वेल्स में विश्व कप (World Cup 2019) हो रहा है. दक्षिण अफ्रीका की टीम विश्व कप का पहला मुकाबला खेलेगी. उसका सामना मेजबान इंग्लैंड से होगा. 

1992 में हुए विश्व कप में डकवर्थ लुइस नियम ने इस टीम को सेमीफाइनल से बाहर भेजा. साल 1999 में लांस क्लूजनर और एलन डोनाल्ड के बीच रन लेने की गलतफहमी ने इस टीम का सफर खत्म किया. साल 2003 में टीम नेट रनरेट का सही हिसाब नहीं लगा पाई और एक रन से हार गई. इन सभी कारणों से दक्षिण अफ्रीका को चोकर्स कहा जाने लगा. ऐसे में फाफ डू प्लेसिस (Faf du Plessis) की टीम के लिए अपने ऊपर से चोकर्स का तमगा हटाना बेहद जरूरी हो गया है. यह तमगा सिर्फ विश्व विजेता बनकर ही हट सकता है.

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हमेशा की तरह इस विश्व कप (ICC Cricket World Cup 2019) में भी दक्षिण अफ्रीका कागजों पर मजबूत टीम है जो वो पहले भी रही है. लेकिन इस बार उसकी कोशिश मैदान पर दम दिखा ट्रॉफी जीतने की होगी. इस टीम की खासियत इसकी पेस बैटरी है, जिसमें युवा कैगिसो रबाडा, लुंगी एंगिडी और अनुभवी डेल स्टेन के नाम हैं. विश्व क्रिकेट में इन तीनों के खौफ से हर कोई वाकिफ है. इंग्लैंड की परिस्थति में यह तीनों और खतरनाक हो जाएंगे. 

कैगिसो रबाडा ने हाल ही में आईपीएल में दमदार प्रदर्शन किया था. उनकी फॉर्म दक्षिण अफ्रीका को खतरनाक बनाती है. एंगिडी इस साल आईपीएल नहीं खेल पाए, लेकिन इस गेंदबाज ने पिछले साल भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद जो प्रदर्शन किया वो उनकी पहचान बताने काफी है. स्टेनगन के नाम से मशहूर डेल स्टेन अपने अनुभव के दम पर किसी भी समय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं. इन तीनों के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास स्पिनर इमरान ताहिर और तबरेज शम्सी हैं. ताहिर ने आईपीएल में सबसे अधिक विकेट लेकर पर्पल कैप हासिल की थी. 

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बल्लेबाजी में टीम के पास डू प्लेसिस, क्विंटन डिकॉक, हाशिम अमला, डेविड मिलर, जेपी डुमिनी जैसे नाम हैं. लेकिन अगर कायदे से देखा जाए तो दो बल्लेबाजों डिकॉक और डू प्लेसिस ही हैं जिन पर टीम की बल्लेबाजी टिकी हुई है. दक्षिण अफ्रीका के पास क्रिस मॉरिस जैसा अच्छा ऑलराउंडर है जो कमाल कर सकता है. आईपीएल में उन्होंने वो लय हासिल कर ली है.

कप्तान डू प्लेसिस के लिए टीम संयोजन भी टेढ़ी खीर रहेगी. बेहतरी संतुलन के लिए टीम के पास ज्यादा गहराई दिख नहीं रही है. अब देखना होगा कि मैदान पर जाकर यह टीम क्या कमाल दिखाती है. अगर अपनी प्रतिभा के हिसाब से खेल गई तो कुछ भी कर सकती है वरना चोकर्स का तमगा हटाने के लिए चार साल का इंतजार बढ़ जाएगा. 

टीम: फाफ डू प्लेसिस (कप्तान), डेविड मिलर, एडेन मार्कराम, हाशिम अमला, रासी वैन डेर डुसैन, क्विंटन डिकॉक, कैगिसो रबाडा, लुंगी एंगिडी, इमरान ताहिर, डेल स्टेन, तबरेज शम्सी, ज्यां पॉल ड्यूमिनी, एंदिले फेहलुकवायो, ड्वयान प्रीटोरियस, क्रिस मॉरिस.