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IND vs AFG: मैच फिसलता देख दो ओवरों के लिए 'कप्तान' बने धोनी, और फिर पलट दिया पूरा खेल

अफगानिस्तान के पक्ष में मैच को जाता देख भारतीय टीम के अनुभवी खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी सक्रिय हो गए थे.

IND vs AFG: मैच फिसलता देख दो ओवरों के लिए 'कप्तान' बने धोनी, और फिर पलट दिया पूरा खेल
विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के पास खड़े हैं गेंदबाज मोहम्मद शमी. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 (World Cup 2019) में भारत ने अफगानिस्तान को 11 रन से हराकर सेमीफाइनल की ओर कदम रख दिए हैं. अफगानिस्तान ने पहले बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सितारा बल्लेबाजों से सजी दो बार की चैंपियन भारतीय टीम को आठ विकेट पर 224 रन पर रोक दिया. इसके बाद अफगान टीम इस विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर करने की ओर बढ़ रही थी कि मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह ने उसका यह सपना तोड़ डाला. आखिरी गेंद बाकी रहते भारत ने अफगानिस्तान को 213 रन पर रोक दिया.

दरअसल, अफगानिस्तान के पक्ष में मैच को जाता देख भारतीय टीम के अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सक्रिय हो गए और उन्होंने गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 49वें ओवर के पहले टिप्स दिए. यही नहीं, विकेटकीपर धोनी ने अपने हिसाब से मैदान में खिलाड़ियों की जमावट भी करवाई. वहीं, इस दौरान कप्तान विराट कोहली बाउंड्री के पास खड़े रहे. इसी का नतीजा था कि अफगानिस्तान को आखिरी दो ओवर में 21 रन चाहिये थे और नबी क्रीज पर थे. बुमराह ने 49वें ओवर में सिर्फ पांच रन दिये.

वहीं, मोहम्मद शमी 50वां और आखिरी ओवर फेंकने आए तो धोनी ने उनसे भी कुछ देर बात की. इसके बाद शमी के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर नबी ने चौका जड़ डाला. यह देख धोनी दौड़ते हुए आए और शमी से यॉर्कर लैंथ पर बॉल फेंकने को कह गए. शमी ने उनकी बात मानी और अगली गेंद पर कोई रन नहीं दिया और तीसरी गेंद पर नबी हार्दिक पांड्या को कैच दे बैठे.

इसके बाद शमी ने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर अफताब आलम, पांचवीं गेंद पर मुजीब उर रहमान को आउट करने के साथ मैच इंडिया के नाम करा दिया. इसी के साथ शमी विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले भारत के दूसरे गेंदबाज बन गए. साथ ही वह विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले कुल नौवें गेंदबाज भी हैं.

माही भाई का सुझाव माना
शमी ने बताया, ‘‘रणनीति सरल थी और वो यार्कर डालने की थी. यहां तक कि माही भाई ने भी इसी का सुझाव देते हुए कहा था, 'अब कुछ भी मत बदलो क्योंकि तुम्हारे पास हैट्रिक हासिल करने शानदार मौका है. तुम्हें इसके लिए कोशिश करनी चाहिए. इसलिए मैंने वही किया जो मुझे बताया गया था.’