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मार्टिन गप्टिल; World Cup Final में हर मोड़ पर ‘विलेन’ साबित हुआ सेमीफाइनल का हीरो

न्यूजीलैंड की टीम आईसीसी विश्व कप (ICC World Cup 2019) के सबसे रोमांचक फाइनल में मेजबान इंग्लैंड से हार गई.

मार्टिन गप्टिल; World Cup Final में हर मोड़ पर ‘विलेन’ साबित हुआ सेमीफाइनल का हीरो
न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल 50वें ओवर में थ्रो करने के बाद मैदान पर इस तरह नजर आए. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड की टीम का विश्व चैंपियन बनने का सपना फिर टूट गया. इस बार वह खिताब के इतने करीब पहुंचकर हारा, कि इसका दर्द उसे सालों चुभता रहेगा. वैसे तो विश्व कप (ICC World Cup 2019) के फाइनल में उसके सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया. लेकिन एक खिलाड़ी ऐसे रहे, जिनके लिए यह मैच बेहद खराब साबित हुआ. वे मैच के हर उस नाजुक मोड़ पर थे, जहां से न्यूजीलैंड कुछ अच्छा कर सकता था, लेकिन इस खिलाड़ी ने हर बार निराश किया. इंग्लैंड ने यह खिताब फाइनल मैच और सुपरओवर टाई होने के बाद बाउंड्री की गिनती के आधार पर जीता. 

हार-जीत खेल का हिस्सा है. इसलिए किसी को विलेन नहीं कहा जा सकता. लेकिन मार्टिन गप्टिल (Martin Guptill) शायद ही इस मैच को भूल पाएं. वे भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में तब न्यूजीलैंड के हीरो बनकर उभरे थे, जब उन्होंने एमएस धोनी को डायरेक्ट थ्रो से रन आउट किया था. लेकिन फाइनल तो जैसे उनकी हर पल परीक्षा लेना चाह रहा था. मैच में ऐसे कम से कम 4 मौके आए, जब गप्टिल का प्रदर्शन टीम को निराश कर गया. जानें कैसे...

1. जब गप्टिल ने गंवाया डीआरएस 
मार्टिन गप्टिल इस मैच में 18 गेंदों पर 19 रन बनाकर आउट हुए. वे क्रिस वोक्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए. गप्टिल साफ आउट थे. इसके बावजूद उन्होंने डीआरएस ले लिया. थर्ड अंपायर ने ना सिर्फ उन्हें आउट दिया, बल्कि न्यूजीलैंड ने अपना डीआरएस भी गंवा दिया. 
 

Martin Guptill
LBW दिए जाने के बाद मार्टिन गप्टिल (बाएं) ने डीआरएस लिया. (फोटो: IANS) 

2. तो आउट होने से बच जाते टेलर 
अगर गप्टिल ने डीआरएस नहीं गंवाया होता तो रॉस टेलर आउट होने से बच सकते थे. दरअसल, उन्हें अंपायर ने एलबीडब्ल्यू आउट दिया था, लेकिन गेंद स्टंप से दूर थी. यानी, गप्टिल का डीआरएस लेने का फैसला न्यूजीलैंड के लिए दोहरा आघात साबित हुआ. 

3. गप्टिल का थ्रो और बन गए 6 रन 
इंग्लैंड को अंतिम तीन गेंद पर जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. तभी बेन स्टोक्स ने डीप मिडविकेट पर शॉट खेला. गप्टिल ने थ्रो किया. स्टोक्स ने रन आउट से बचने के लिए डाइव लगाया. गेंद उनके बल्ले से टकराकर बाउंड्री लाइन पार कर गई. इस तरह जहां दो रन बनने थे, वहां छह रन मिल गए. इससे इंग्लैंड लक्ष्य के करीब आ गया. इसे आप संयोग कह सकते हैं, लेकिन यहां भी गप्टिल ही थे. 

4. सुपरओवर में भी चूक गए गप्टिल 
न्यूजीलैंड को सुपरओवर में जीत के लिए आखिरी गेंद पर दो रन चाहिए थे. यहां पर भी स्ट्राइक पर मार्टिन गप्टिल ही थे. उन्होंने मिडविकेट पर शॉट खेला और दौड़ पड़े. उन्होंने एक रन पूरा किया भी, लेकिन दूसरा रन लेते हुए आउट हो गए. उनके पास एक गेंद पर दो रन बनाकर अपनी टीम को चैंपियन बनाने का मौका था, लेकिन यह खिलाड़ी सुपरओवर की समाप्ति पर रनआउट होकर पवेलियन लौटता हुआ नजर आया. 

बता दें कि यह पूरा विश्व कप ही मार्टिन गप्टिल के लिए खराब रहा. उन्होंने इस विश्व कप के सभी 10 मैच खेले. गप्टिल ने इन 10 मैच में 20.66 की औसत से सिर्फ 186 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 73 रन रहा. यानी, अगर उनकी इस पारी को हटा दें तो उन्होंने नौ पारियों में सिर्फ 113 रन बनाए. यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि मार्टिन गप्टिल वही खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पिछले विश्व कप में सबसे अधिक 547 रन बनाए थे. इसमें एक दोहरा शतक भी शामिल था.