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World Cup 2019: रवि शास्त्री ने हार के बाद पहली बार बताया, कहां रह गई कमी

भारतीय टीम बुधवार को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर आईसीसी विश्व कप (ICC World Cup 2019) से बाहर हो गई है. 

World Cup 2019: रवि शास्त्री ने हार के बाद पहली बार बताया, कहां रह गई कमी
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री. वे 1983 में विश्व कप जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे. (फोटो: Reuters)

नई दिल्ली: भारत के आईसीसी विश्व कप (ICC World Cup 2019) से बाहर होने के बाद हेड कोच रवि शास्त्री ने पहली बार माना है कि टीम में एक कमी थी, जो उस पर भारी पड़ गई. भारतीय टीम बुधवार को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर विश्व कप से बाहर हो गई है. अब न्यूजीलैंड और इंग्लैंड रविवार को खिताब के लिए भिड़ेंगे. वहीं भारत अगले खिताब के लिए भारत का इंतजार कम से कम चार बढ़ गया है. कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) इस बात से निराश तो हैं, लेकिन हताश नहीं. भारतीय टीम लीग राउंड में सबसे अधिक अंक लेकर सेमीफाइनल में पहुंची थी. लेकिन वह अपना यह फॉर्म बरकरार नहीं रख सकी. 

रवि शास्त्री ने इंग्लिश अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में माना कि भारतीय टीम में मिडिल ऑर्डर में सॉलिड बैट्समैन की कमी थी, जो महंगी पड़ गई. उन्होंने कहा, ‘हां, यह सही है. हमें मिडिलऑर्डर में एक ठोस बल्लेबाज की जरूरत थी. लेकिन अब यह भविष्य के लिए जरूरी बात हो गई है. यह एक पोजीशन है, जिसने हमें हमेशा परेशान किया, लेकिन हम इसे नहीं सुलझा सके. केएल राहुल (KL Rahul) वहां अच्छा खेल रहे थे, लेकिन तभी शिखर धवन चोटिल हो गए. इसके बाद विजय शंकर वहां खेले और वे भी चोटिल हो गए. हम इसे नियंत्रित नहीं कर सके.’

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हां, मयंक से ओपनिंग करा सकते थे... 
क्या टीम प्रबंधन ने मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) से ओपनिंग कराने के बारे में विचार किया था, ताकि केएल राहुल को नंबर-4 पर खेलने को कहा जा सके? इस सवाल पर शास्त्री ने कहा, ‘नहीं, ऐसा नहीं है क्योंकि जब तक मयंक अग्रवाल टीम से जुड़े, तब तक काफी देर हो चुकी थी. इसके लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा था. यदि सेमीफाइनल से पहले एक और मैच होता, तो हम ऐसा जरूर कर सकते थे. जब वे (मयंक) यहां पहुंचे, उन्हीं दिनों में राहुल ने 60 रन बनाए और शतक भी जमाया. लेकिन मैं आपका मतलब समझ रहा हूं. यदि हमारे पाए एक मैच और होता तो हम और बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे.’

मैंने खिलाड़ियों से कहा- सिर ऊंचा रखो
रवि शास्त्री ने यह भी बताया, ‘मैंने मैच हारने के बाद ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ियों को एक जगह बुलाया. मैंने उनसे कहा कि वे अपना सिर ऊंचा रखें. खुद पर गर्व करें. वो खराब 30 मिनट आपसे यह श्रेय नहीं छीन सकते कि आप पिछले कुछ सालों में बेस्ट टीम रहे हो. आप सभी इस बात को जानते हो. एक टूर्नामेंट या एक सीरीज और वो भी सिर्फ 30 मिनट यह तय नहीं कर सकते. आप लोगों ने अपने खेल से दुनियाभर में सम्मान हासिल किया है. यकीनन, हम सभी दुखी और निराश हैं. लेकिन आखिर में इस बात का श्रेय आपका है कि आपने पिछले दो साल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है.’