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Murder Attempt News in Odisha: अपनी अलग रही पत्नी को मनाने के लिए एक व्यक्ति 175 किमी का सफर तय करके उसके पास पहुंचा. दोनों के बीच लंबे वक्त से वैवाहिक विवाद चल रहा था. पत्नी के पास जाने से पहले पति खौफनाक प्लानिंग करके आया था. योजना थी कि पत्नी साथ आने के लिए मान गई तो ठीक और राजी नहीं हुई तो वहीं पर काम तमाम. इसके लिए वह साथ में एक बड़ा चाकू लेकर गया था. पत्नी के पास पहुंचने पर उसने पहले उसे मनाते हुए साथ चलने के लिए कहा. जब पत्नी राजी नहीं हुई तो चाकू निकालकर सरेराह उसकी गर्दन काट दी. सड़क पर जा रहे लोगों में से जिसने भी यह नजारा देखा, वह दहल गया. हालांकि बाद में एकजुट हुए लोगों ने आरोपी पति को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया. महिला की हालत गंभीर बनी हुई है.
पत्नी के इनकार पर शुरु हुई कहासुनी
पुलिस के मुताबिक, कटक में रहने वाला शेख अमजद नाम का व्यक्ति पौने दो सौ किमी का सफर तय करके गुरुवार दोपहर को अपनी पत्नी से मिलने बालासोर पहुंचा था. दोनों के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था, जिसके कारण वे अलग रह रहे थे. शेख अमजद ने पत्नी को साथ चलने के लिए कहा, जिसे पत्नी ने नकार दिया. इस मुद्दे पर जल्द ही दोनों के बीच सड़क पर ही कहासुनी शुरु हो हुई.
अमजद ने चाकू निकालकर पत्नी का गला काटा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क किनारे दोनों के बीच बातचीत चल रही थी. अचानक शेख अमजद ने चाकू निकाला और अपनी पत्नी का गला काट दिया. इसके बाद शेख अमजद अपनी पत्नी का चेहरा पकड़कर उसे सड़क पर घसीटने लगा. यह भयानक मंजर देख आसपास के लोग चिल्लाने लगे लेकिन वारदात होने से नहीं रोक पाए. हालांकि थोड़ी देर बाद कुछ साहसी राहगीरों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया.
पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार
पुलिस ने घायल महिला को बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया, जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कटक के SCB मेडिकल कॉलेज-अस्पताल रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और आगे कुछ भी कह पाना मुश्किल है. पुलिस ने इस घटना के आरोपी शेख अमजद को गिरफ्तार कर लिया है और उससे घटना की वजह के बारे में पूछताछ की जा रही है. बालासोर में हुई इस भयावह घटना का एक राहगीर ने वीडियो बना लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मध्यस्थता केंद्रों से रुक सकते हैं विवाद!
यह घटना हमें रिश्तों में संवाद और समझ की कमी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है. यह घटना हमें बताती है कि अगर समय रहते वैवाहिक विवादों को सुलझाने के लिए काउंसलिंग या मध्यस्थता जैसे सही कदम उठाए जाएं तो ऐसी त्रासदियों को काफी हद तक रोका जा सकता है. इससे यह भी पता चलता है कि समाज और सरकार को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सहायता केंद्रों की दिशा में ज्यादा कदम उठाने की जरूरत है.