दिल्ली में लिफ्ट लेने से पहले ज़रा सोच लें, कहीं आप भी न हो जाए वारदात का शिकार

धौला कुआं, कश्मीरी गेट, सराय काले खां और एम्स के आसपास कार में लिफ्ट देकर 50 से ज्यादा सवारियों को लूटने वाले गिरोह के फरार चल रहे सरगना को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया.

दिल्ली में लिफ्ट लेने से पहले ज़रा सोच लें, कहीं आप भी न हो जाए वारदात का शिकार

नई दिल्ली: धौला कुआं, कश्मीरी गेट, सराय काले खां और एम्स के आसपास कार में लिफ्ट देकर 50 से ज्यादा सवारियों को लूटने वाले गिरोह के फरार चल रहे सरगना को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया. इसकी पहचान सुरेंद्र उर्फ सार उर्फ राहुल (29) के तौर पर हुई है.. इससे एक कट्टा, दो कारतूस और एक कार बरामद की है. ये इस साल लूट और झपटमारी की चार वारदातों में फरार था. इससे पहले ये चार लूट के मामलों में जेल जा चुका है. वह पहले पहाडग़ंज इलाके में रहता था, अब परिवार के साथ त्रिलोकपुरी में शिफ्ट हो गया था. 

क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉ. जी राम गोपाल नाइक ने बताया की 8 जून 2019 को महारानी बाग बस स्टैंड पर एक शख्स अपने दोस्त के साथ बस का इंतजार कर रहे थे. एक कार आकर रुकी, जिसमें पहले से सवारी बैठी थी. ड्राइवर ने दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन छोडऩे का वादा किया. कार जैसे ही लोधी रोड पहुंची तो कार में सवारी के रूप में बैठे सुरेंद्र समेत सभी बदमाशों ने दोनों को मोबाइल फोन, 13500 रुपये और दो एटीएम कार्ड ले लिए.. दोनों को जान से मारने की धमकी देकर एटीएम का पिन पता कर लिया. इससे बाद एटीएम से 6500 रुपये निकाल लिए. स्थानीय पुलिस ने उस समय सतेंद्र, राहुल और सुशील को पकड़ लिया था. घटना के बाद से ही सुरेंद्र उर्फ सागर फरार चल रहा था.

एसीपी पंकज सिंह की टीम ने इंस्पेक्टर विकास राणा के नेतृत्व में तलाश कर रही टीम को 14 नवंबर को सूचना मिली कि गिरोह का फरार सरगना सराय काले खां आइएसबीटी के पास किसी से मिलने के लिए आने वाला है. सूचना के आधार पर टीम ने उसे कार सहित धर दबोचा. जांच में मालूम हुआ है कि वह सातवीं तक पढ़ा है. नोएडा की एक कंपनी में सफाई आदि का काम करता था. इसके बाद वह ड्राइवर बन गया और लूट की घटनाएं करने लगा. 2010 में उसे साकेत पुलिस ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया था. सनलाइट कॉलोनी और दिल्ली कैंट थाना पुलिस को चार मामलों में उसकी तलाश थी.