फर्जी बिल के जरिये धोखाधड़ी का आरोप, नेवी के तीन अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज

CBI ने फर्जी बिल के जरिये सरकार से 6 करोड़ 76 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में नौसेना के तीन अफसरों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

फर्जी बिल के जरिये धोखाधड़ी का आरोप, नेवी के तीन अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज

नई दिल्‍ली: CBI ने फर्जी बिल के जरिये सरकार से 6 करोड़ 76 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में नौसेना के तीन अफसरों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मामला दर्ज करने के बाद CBI ने दिल्ली, मुंबई, गुजरात और कर्नाटक में 26 जगहों पर छापेमारी कर 10 लाख रुपये और दस्तावेज बरामद किये हैं. 

फर्जीवाड़े का ये मामला नवंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच का है. CBI की दर्ज FIR के मुताबिक पश्चिमी नौसेना कमांड मुंबई में तैनात नौसेना अफसर कैप्टन अतुल कुलकर्णी, कमांडर मंडर गोडबोले और कमांडर आर पी शर्मा ने मिल कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया. इस फर्जीवाड़े में इन अफसरों का साथ दिया वहीं पर तैनात रक्षा मंत्रालय के अकाउंट विभाग के अधिकारियों ने. 

जांच के मुताबिक जनवरी से मार्च 2016 में पश्चिमी नौसेना कमांड में IT से संबधित सामान खरीद के बिल पास करने के लिये भेजे गये थे लेकिन किसी भी बिल पर सामान या जो सर्विस ली गई थी उसका जिक्र नहीं था और जब अगस्त 2017 में PCDA ( Principal Controller of Defense Accounts) ने बिल की जांच की तो शक होना शुरू हुआ. 

नौसेना के पश्चिमी कमांड के अकाउंट विभाग ने जब इस मामले की जांच की तो पता चला कि तीनों अफसरों ने बिना किसी सामान के फर्जी बिल बनाये और उनका भुगतान किया. इन अफसरों का ये फर्जीवाड़ा पकड़ा भी नहीं जाता अगर रक्षा मंत्रालय ने साल 2012 में FIS यानी Financial Information System शुरू नहीं किया होता. इस सिस्टम में किसी भी सामान की खरीद के बाद अधिकारी को अपने ही अकाउंट से लॉगइन करने के बाद बिल की सारी जानकारी सिस्टम में डालनी होती है और साथ ही बिल की कॉपी अकाउंट विभाग में जमा करानी होती है ताकी ऑडिट के समय दोनों का मिलान किया जा सके और किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को पकड़ा जा सके. 

पश्चिमी नौसेना कमांड में तैनात कैप्टन अतुल कुलकर्णी कमांड लोजिस्टिक भी थे और SSO Budget के सुपरवाइजर अफसर भी थे, जिन 7 बिलों के जरिये करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया गया वो इन्हीं के लॉगइन आइडी से पास हुये थे. एक बिल कमांडर मंडर गोडबोले की आइडी से और बाकी बिल कमांडर आरपी शर्मा की आइडी से किये गये थे. 

जब इस मामले की जांच नौसेना के अकाउंट विभाग ने की तो पता चला कि मुंबई नौसेना दफ्तर में इन पास किये गये 7 बिलों का कोई रिकार्ड नहीं है यानी की सब फर्जीवाड़ा है. इसके तहत 6 करोड़ 76 लाख का फर्जी बिल पास करवाया गया.  

इसी के बाद नौसेना अफसर, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इसमें वो कंपनियां और लोग भी शामिल हैं जिनके जरिये इन अधिकारियों ने 7 फर्जी बिल तैयार कर पैसा उनके खातों में डलवाया.