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CBI ने 14 साल बदला क्राइम मैनुअल, जानें इससे आम लोगों को क्या होगा फायदा

देश की सबसे विश्वसनीय जांच एजेंसी CBI 14 साल बाद अपने क्राइम मैनुअल (Crime Manual) में बदलाव करने जा रही है. यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि भ्रष्टाचार निरोधक कानून में 2018 में बदलाव आया है. 

CBI ने 14 साल बदला क्राइम मैनुअल, जानें इससे आम लोगों को क्या होगा फायदा
अपराध के नए-नए तरकीब को देखते हुए सीबीआई ने खुद को अपडेट कर रही है.

नई दिल्ली: देश की सबसे विश्वसनीय जांच एजेंसी CBI 14 साल बाद अपने क्राइम मैनुअल (Crime Manual) में बदलाव करने जा रही है. यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि भ्रष्टाचार निरोधक कानून में 2018 में बदलाव आया है. अपराधियों के क्राइम करने के तरीकों में काफी बदलाव आया है, लेकिन CBI के Crime Manual में 2005 के बाद से किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ था. 2005 से लेकर अब तक कानून में और भ्रष्टाचार निरोधक कानून में कई बार बदलाव हो चुके थे. 

2005 में जब बदलाव किया गया था तब साइबर से जुड़े मामले भी बेहद कम थे. भ्रष्टाचार निरोधक कानून में भी बहुत ज्यादा बद्लाव नहीं थे. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट भी तब से लेकर अब तक कई सारे मामलों में अपना फैसला सुना चुकी थी. इसलिये CBI भी इस बात की जरूरत महसूस कर रही थी कि उन्हें अपने मैनुअल में बदलाव करना चाहिये. इससे पहले CBI के Crime Manual में साल 1991 में बदलाव किया गया था.

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CBI इसके साथ ही FBI जो कि अमेरिका की जांच एजेंसी है, उसके तौर तरीकों को भी स्टडी कर रही है. ताकि उसी तरह के मॉडल को अपनाया जा सके, जिसमें जांच से जुड़े तौर तरीके और मीडिया को मामलों की जानकारी देना भी शामिल है. 

इसके साथ ही CBI देश की दूसरी जांच एजेंसी और विदेशी जांच एजेंसी के साथ तालमेल को लेकर भी काम कर रही है, क्योंकि अब ज्यादातर मामलों में अपराधी अपराध करने के बाद दूसरे देश में जाकर छिप जाता है और दूसरे देशों से जानकारी लेने के जिम्मेदारी इंटरपोल (Interpole) के जरिये CBI की होती है. CBI भारत में Interpole की नोडल एजेंसी (Nodal Agency) है इसलिये दूसरे देशों से भाग कर आये अपराधियों की जानकारी भी उन्हें दी जाती है, लिहाजा इन जानकारियों के आदान-प्रदान के लिये जांच एजेंसियों में तालमेल की बेहद जरूरी है. 

CBI ने अपने Crime Manual में बदलाव को लेकर काम शुरू कर दिया है और इस बदलाव से जुड़े अधिकारी का कहना है कि जल्दी ही इस काम को पुरा कर लिया जायेगा.

क्राइम मैनुअल बदलने से क्या फर्क होगा?
पुलिस महकमे से जुड़े लोग तो क्राइम मैनुअल शब्द से परिचित होते हैं, लेकिन एक आम आदमी के जेहन में सवाल उठला लाजिमी है कि इससे उन्हें क्या फायदा-नुकसान होगा. कोई भी जांच एजेंसी जब अपने क्राइम मैनुअल में बदलाव करती है तो इसका सीधा फायदा आम लोगों को होता है. दरअसल, क्राइम मैनुअल को सरल शब्दों में समझें तो यह जांच की प्रक्रिया होती है. दुनिया की जितनी भी जांच एजेंसी हैं वहां एक सेट पैटर्न होता है, उसी के तहत किसी भी मामले की जांच होती है. समय के साथ अपराध के तरीके और कानूनी पेचीदगी में बदलाव होते रहते हैं, इसलिए जांच एजेंसियों को जांच की प्रक्रिया में बदलाव लाना होता है, ताकि वह किसी भी केस की ज्यादा पारदर्शी तरीके से जांच कर सकें.