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CBI ने Cambridge Analytica और GSRL के खिलाफ दर्ज किया केस, Facebook यूजर्स का डेटा चोरी

जांच में पता चला कि ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड (GSRL) के संस्थापक एलेक्जैंडर कोगन ने फेसबुक (Facebook) की पॉलिसी के तहत 'दिस इज योर डिजिटल लाइफ' नाम का ऐप बनाया. फिर इस ऐप के जरिए शिक्षा और रिसर्च के लिए कुछ खास डेटा इकठ्ठा किया.

CBI ने Cambridge Analytica और GSRL के खिलाफ दर्ज किया केस, Facebook यूजर्स का डेटा चोरी
प्रतीकात्मक फोटो | फोटो साभार: PTI

नई दिल्ली: सीबीआई ने यूनाइटेड किंगडम की कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) और ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज किया. इन दोनों कंपनियों पर 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स के पर्सनल डेटा में सेंधमारी का आरोप है.

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEIT) की शिकायत पर सीबीआई (CBI) ने 2018 में इस मामले में PE दर्ज की थी. शक था कि भारत में चुनावों को प्रभावित करने के लिए फेसबुक यूजर्स के पर्सनल डेटा में सेंधमारी की गई थी.

यूजर्स के डेटा की चोरी पर फेसबुक का जवाब

मंत्रालय ने इस मामले में फेसबुक (Facebook) और कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) से जबाब मांगा था. फेसबुक ने बताया कि हो सकता है कि 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स के डेटा में सेंधमारी हुई हो.

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कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) ने जबाब दिया कि उन्हें ये डेटा ग्लोबल साइंस रिसर्च से मिला, लेकिन ये डेटा भारतीयों का नहीं बल्कि अमेरिकी नागरिकों का है.

कैसे चुराया गया भारतीय फेसबुक यूजर्स का डेटा?

जांच में पता चला कि ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड के संस्थापक एलेक्जैंडर कोगन ने फेसबुक की पॉलिसी के तहत 'दिस इज योर डिजिटल लाइफ' नाम का ऐप बनाया. फिर इस ऐप के जरिए शिक्षा और रिसर्च के लिए कुछ खास डेटा इकठ्ठा किया. ऐप के जरिए फेसबुक यूजर्स के अलावा उनके दोस्तों के डेटा में भी सेंधमारी की गई.

भारत में इतने लोग कर रहे थे ऐप का इस्तेमाल

गौरतलब है कि ये डाटा ऐप यूजर्स की बिना जानाकरी के इकठ्ठा किया गया. यहां तक कि पर्सनल मैसेज में भी सेंधमारी हुई. फेसबुक की तरफ से कहा गया कि भारत में ये ऐप 335 लोग इस्तेमाल कर रहे थे. ऐप के जरिए 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स के डेटा में सेंधमारी की गई.

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वहीं 6 ऐप यूजर्स से पूछताछ में पता चला कि उन्हें डेटा में सेंधमारी के बारे में पता नहीं था. अगर ऐसा है तो आगे से वो इस ऐप का इस्तेमाल नहीं करेंगे. जांच से ये साफ हो गया कि 2014 में ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड ने कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) के साथ मिलकर एक साजिश रची थी.

ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड ने अवैध तरीके से फेसबुक यूजर्स का डेटा कैम्ब्रिज एनालिटिका को व्यवसायिक उद्देश्य के लिए दिया. हालांकि 2016-17 में दोनों कंपनियों ने फेसबुक को बताया कि जो डेटा लिया गया था वो डिलीट कर दिया है, लेकिन जांच में यह साफ नहीं हुआ कि वो डेटा डिलीट किया गया है या नहीं.

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