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Kolkata Crime: पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता के गोबरा गोरोस्थान रोड पर एक स्थानीय क्लब द्वारा दुर्गा पूजा के लिए मांगे गए 10000 रुपये के चंदे का भुगतान करने से इनकार करने पर एक व्यापारी को कथित तौर पर टीएमसी(TMC) के बदमाशों ने बेरहमी से पीटा और घायल कर दिया. पुलिस के अनुसार, क्लब में कथित तौर पर टीएमसी सदस्यों का दबदबा है.
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पीड़ित की पहचान अमित सरकार के रूप में हुई है जिसने कोलकाता के तपसिया थाने में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है. टीएमसी कार्यकर्ताओं पर अमित सरकार ने आरोप लगाया कि स्थानीय उज्ज्वल संघ क्लब ने शुरू में उनकी दो दुकानों के लिए 4000 रुपये की मांग की थी. उन्होंने बताया कि अचानक उन्होंने रकम बढ़ाकर 10000 रुपये कर दी. जब वे मेरे घर आए तो सबसे पहले उन्होंने मेरे भाई से गंदी बातें करनी शुरू कीं. जब मैं वहां गया तो वहां गरमागरम बहस हुई. अचानक उनमें से कुछ ने मुझे पीटना शुरू कर दिया. जब मेरी पत्नी, पिता और भाई ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और उन्हें पीटा. पीड़ित ने बताया कि हमें बांस और लोहे की रॉड से पीटा गया. पीड़ित अमित सरकार ने आगे कहा कि जो लोग आए वे सभी स्थानीय तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. मैं भी 2012 से 2025 तक इस क्लब से जुड़ा रहा. मैं क्लब सचिव होने के साथ-साथ दुर्गा पूजा समिति का सचिव भी था लेकिन मैंने 2024 में क्लब छोड़ दिया. हालांकि मैं आज तक तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ हूं.
सीएम ममता बनर्जी दिया कार्रवाई का आदेश
टीएमसी सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इसकी जानकारी दी गई और उन्होंने पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि अमित सरकार की शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है. घटना की निंदा करते हुए भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि टीएमसी अब अपराधियों की पार्टी बन गई है. वे हमेशा जबरन वसूली या भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हैं और ये बदमाश किसी से नहीं डरते क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती. इस बीच, टीएमसी नेता देबांग्शु भट्टाचार्य ने घटना पर खेद व्यक्त किया और पुलिस से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. ऐसी घटनाओं से बचने के लिए हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूजा समितियों के लिए भत्ता शुरू किया है. इसलिए ऐसी घटना स्वीकार्य नहीं है और पुलिस को इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.