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दिल्ली हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा, आरोपियों ने पुलिस से बचने के तैयार किया था ये प्लान

आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दंगों से पहले हुई मीटिंग में पुलिस से बचने का प्लान तैयार हुआ और हथियारों के लिए सीक्रेट कोड रखे गए थे.

दिल्ली हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा, आरोपियों ने पुलिस से बचने के तैयार किया था ये प्लान

नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) में गिरफ्तार आरोपी शादाब अहमद (Shadab Ahmed) से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, दिल्ली हिंसा के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए प्लान तैयार किया था. आरोपियों ने वजीराबाद रोड, चांद बाग हिंसा के लिए पूरी साजिश रची थी. 

आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दंगों से पहले हुई मीटिंग में पुलिस से बचने का प्लान तैयार हुआ और हथियारों के लिए सीक्रेट कोड रखे गए थे. आरोपी शादाब अहमद पर यूएपीए (UAPA) एक्ट लगा हुआ है. 

आरोपी शादाब के मुताबिक दंगों के वक्त सभी आरोपियों को नॉर्मल कॉल नहीं करने को कहा गया था. बात करने के लिए सिर्फ नेट कॉलिंग का इस्तेमाल करने के लिए बोला गया था और काम पूरा होने के बाद फोन की सिम को तोड़ने के लिए या फिर फोन से हिस्ट्री डिलीट करने के लिए कहा गया था.

आरोपी के मुताबिक दंगे के आरोपियों ने वजीराबाद रोड, चांद बाग के पास चल रहे प्रदर्शन साइट पर प्रदर्शन में आने वाले लोगों से रॉड, डंडे, पत्थर, तेजाब, पेट्रोल, बोतले व हथियारों को इकठ्ठा करने के लिए कहा था. इन सबके लिए सीक्रेट कोड रखे गए थे.

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बता दें कि यह वही प्रदर्शन साइट थी जहां हेड कांस्टेबल रतन लाल शहीद हुए थे और डीसीपी अमित शर्मा और एसीपी अनुज कुमार को बुरी तरह घायल किया गया था.

आरोपी शादाब के मुताबिक चांद बाग प्रोटेस्ट में सबको अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं. डीएस बिंद्रा का खाना बांटने का काम था. चांद बाग प्रोटेस्ट के मुख्य आयोजक सुलेमान, सलीम खान आदि को स्टेज मैनेजमेंट का काम दिया गया था. टेंट मेंटेनेंस का काम अयूब के जिम्मे था, सलीम खान ने साउंड का इंतजाम किया था. आरोपी शादाब के मुताबिक प्रोटेस्ट फंड बाहर से आता था.

आरोपी के मुताबिक वजीराबाद रोड, चांद बाग प्रोटेस्ट के लिए दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे. इनके नाम थे— खिदमत और सेव कॉन्स्टिट्यूशन.

आरोपी शादाब के मुताबिक वजीराबाद रोड चांद बाग प्रोटेस्ट में AISA की कवलप्रीत कौर, पिंजड़ा तोड़ की देवांगना, खालिद सैफी, मिरान हैदर आदि कई लोग यहां आकर भड़काऊ भाषण देते थे.

यहां लोग बार-बार बोलते थे कि हमें इस सरकार को उखाड़ फेंकना ही होगा. ये काम शांतिपूर्ण तरीके से नहीं होगा, हमें खून बहाना भी पड़ेगा, जान लेने भी पड़ेगी और देनी भी पड़ेगी. सरकार के लिए लोगों को रोक दो और मन में नफरत भर दो.

आरोपी शादाब के मुताबिक वजीराबाद रोड चांद बाग में प्रोटेस्ट में जान फूंकने की बात की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल ट्रम्प के दौरे के फायदा उठाने के लिए कहा गया. ये भी कहा गया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमें अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी. कुछ ऐसा करना होगा जिससे सरकार हिल जाए. वहीं लोगों को लाल मिर्च पाउडर और अन्य सामान जो दंगों में इस्तेमाल हो सकता है सब इकठ्ठा करने के लिए कहा गया.

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आरोपी के मुताबिक वजीराबाद रोड चांद बाग प्रोटेस्ट में प्लनिंग के तहत टेंट में 23 फरवरी को ही डंडे, रॉड और पत्थर इकठ्ठा कर लिए गए थे

आरोपी के मुताबिक तभी 24 फरवरी को भड़काऊ भाषण देते हुए लोगों को वजीराबाद रोड ब्लॉक करने के लिए कहा जा रहा था. हालात तनावपूर्ण हो रहे थे फिर पुलिस ने रोड ब्लॉक करने से रोका तो हमने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. तभी टेंट में छुपाकर रखे डंडे, रॉड, बेस बॉल आदि से पुलिस पर हमला करना शुरू कर दिया. सरकारी गाड़ियों में आग लगा दी गई. पुलिस पर पेट्रोल बम, तेजाब फेंका और कुछ लोगों ने पुलिस पर गोलियां भी चलाईं.

वजीराबाद रोड चांद बाग हिंसा में ही हेड कांस्टेबल रत्न लाल को पत्थरों से मारा गया था और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यहीं पर डीसीपी अमित शर्मा के सिर में भी पत्थरों से मारा गया था, वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे. तभी एसीपी अनुज कुमार भी चोटिल हुए थे.

जांच के दौरान ये भी सामने आया कि दंगाई ये भी चाहते थे की शाहीन बाग जैसा माहौल वजीराबाद रोड चांद बाग में भी हो. मीडिया की कवरेज मिले लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था. आरोपी इलाके में दंगा करवाना चाहते थे. आरोपियों ने साजिश के तहत रोड को ब्लॉक करने की कोशिश की. क्योंकि दंगाइयों को पता था कि रोड ब्लॉक करने पर पुलिस इनको रोकेगी और माहौल खराब होगा और दंगे शुरू हो जाएंगे. इसलिए वजीराबाद रोड चांद बाग को जैसे ही ब्लॉक किया गया, पुलिस ने इनको रोका तो साजिश के तहत पुलिस पर हमला किया गया और फिर दंगे शुरू हो गए.

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