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DNA Analysis: आपने उन लोगों को देखा और सुना जिनके दिल में मैल है, अब आगे उनकी बात करेंगे जो रुपये को हाथ का मैल समझते हैं. अब हम आपको एक ऐसे दरियादिल सरकारी चीफ इंजीनियर बैकुंठ नाथ सारंगी से मिलवाएंगे जिनके घर में छापेमारी के बाद सिर्फ 2 करोड़ 56 लाख रुपये काला धन मिला है. इनके घर में नोटों को रखने के लिये लॉकर की कमी थी तो इंजीनियर साहब ने कार्टन में भी नोट भर-भरकर रखे थे. इन्होंने खुद के घर में नोटों और संपत्ति का एक छोटा-मोटा पहाड़ तैयार किया था.
हमने सिर्फ 2 करोड़ 56 लाख इसलिये कहा क्योंकि क्योंकि देश के दूसरे काला धन के आरोपियों के मुकाबले सारंगी साहब काफी पीछे हैं. दिसंबर 2024 में मध्य प्रदेश के भोपाल में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के पास 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपये कैश मिले थे. यानी अगर सौरभ शर्मा ने काला धन कमाने में पीएचडी हासिल की थी तो सारंगी साहब तो मात्र डिप्लोमा होल्डर हैं.
आज विजिलेंस टीम के 26 लोगों ने सारंगी साहब के घर में जांच-पड़ताल शुरु की और फिर देखते ही देखते वहां नोटों की गड्डियों का कालीन बिछ गया. सरकारी बाबू ने अकेले अपनी मेहनत से जितना काला धन कमाया उसे गिनने में विजिलेंस टीम के 7-8 लोगों के पसीने छूट गये. मजबूर होकर उन्हें नोट गिनने वाली मशीन का सहारा लेना पड़ा. चीफ इंजीनियर साहब के पास आय से अधिक संपत्ति होने का शक है. संभावना ये भी है कि इनके पास और भी ज्यादा पैसा मिले. पर करोड़ों रुपये का काला धन कमाने के बावजूद इन्हें रत्ती भर भी घमंड नहीं है.
सारंगी साहब इतने दरियादिल हैं कि जैसे ही इन्होंने विजिलेंस डिपार्टमेंट की टीम को अपने घर के पास देखा. तुरंत ही इन्होंने पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियों को अपनी खिड़की से बाहर फेंकना शुरु कर दिया. एक-दो या पचास-सौ रुपये का कोई एक नोट नहीं बल्कि पांच सौ रुपये नोटों के दसियों बंडल फेंक दिये. आप मेरी बात ध्यान से सुन रहे हैं ना मैं लाखों रुपये के नोटों के बंडल की बात कर रहा हूं.
चीफ इंजीनियर साहब खुद ही खिड़की खोलकर अपने हाथों से लाखों रुपये उड़ा रहे हैं थे. दिल में त्याग की भावना और जेब में काले धन का अथाह भंडार हो तो सरकारी बाबू क्या नहीं कर सकते. एक साथ जितने रुपये हमने और आपने शायद कभी देखे भी नहीं होंगे.उतने नोट सरकारी बाबू ने एक झटके में कूड़े की तरह खुद से दूर फेंक दिये. देश में मॉनसून इस बार थोड़ी जल्दी आया है शायद आपके घर के आस-पास भी इन दिनों बारिश हुई हो लेकिन सारंगी साहब थोड़ी दूजी किस्म के आदमी हैं. इसलिये उन्होंने अपने घर के पास नोटों की बारिश शुरु कर दी.
काले धन के 'कैश रूम' से EXCLUSIVE रिपोर्ट | @RahulSinhaTV pic.twitter.com/XUaFkUJgzb
— Zee News (@ZeeNews) May 30, 2025
आपने अभी करोड़ों के जो नोट देखे उनसे करप्शन का स्मारक बनाने का काम श्री बैकुंठ नाथ सारंगी ने बड़ी मेहनत से किया है. जिनकी तस्वीर आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं. ये ओडिशा के ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर काम कर रहे हैं और वहां से आई तस्वीरों को देखकर आप भी समझ चुके होंगे कि सारंगी साहब बहुत मन लगाकर तन-मन-धन से देश की सेवा करते रहे.
चीफ इंजीनियर साहब के पास ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और अंगुल इलाके में एक-एक घर मौजूद है. इन्हीं दोनों घरों से कैश मिला है.
इनके पास ज्यादा नहीं बस 2 मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स मिली हैं जिनकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है, सारंगी साहब के पास 2 और फ्लैट्स भी मिले हैं वो भी ज्यादा महंगे नहीं बस यही कोई 3 करोड़ रुपये के हैं. सारंगी साहब को सिर्फ फ्लैट्स खरीदना पसंद नहीं है. इसलिये उन्होंने 7 महंगे Residential Plots भी खरीद लिये. शेयर बाजार पर भी चीफ इंजीनियर साहब ने अपनी कृपा बरसाई और 2 करोड़ 70 लाख रुपयों का निवेश किया. इसके अलावा उनके पास करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये का डिपॉजिट मिला है.
सारंगी साहब के पास एक किलोग्राम से ज्यादा सोना मिला है जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है. उन्हें घड़ियों का भी शौक है इसलिये 15 इंपोर्टेड Wrist watch भी मिली हैं. अब इंजीनियर साहब ने बस ये थोड़ी-बहुत कमाई कर ली तो विजिलेंस डिपार्टमेंट से ये देखा नहीं गया. सिर्फ एक दिन बाद यानी 31 मई को सारंगी साहब अपनी नौकरी से रिटायर हो जाते पर ओडिशा के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने सारंगी साहब की सम्मान के साथ रिटायर होने की योजना में विघ्न डाल दिया. विजिलेंस टीम बिना बताये ही सर्च वारंट लेकर सारंगी जी के घर के सामने अचानक प्रकट हो गई. इस समय सारंगी साहब की सैलरी 2 लाख रुपये महीना थी उनके घर में मिले 2 करोड़ 56 लाख रुपयों का हिसाब लगाएं तो वेतन से इतना रुपया कमाने में सारंगी साहब को कम से कम 10 सालों से भी ज्यादा का वक्त लगता.
हालांकि इतनी सैलरी के बावजूद सारंगी साहब के मन में करप्शन की भूख-प्यास हमेशा बनी रही. यही वजह है कि सारंगी जी ने इतना काला धन कमाया कि जिंदगी भर दाल-रोटी ही नहीं बल्कि छप्पन भोग वाली थाली का इंतजाम हो जाये. हो सकता है आपमें से कई लोग मेरी कुछ बातों से सहमत ना हों पर चीफ इंजीनियर साहब दानवीर हैं..इस बात से आप इनकार नहीं कर पाएंगे..उनके घर से आई ये तस्वीर आप एक बार फिर से देखिये. खुद के कई महीनों के वेतन के बराबर नोट उन्होंने मिनटों में फेंक दिये..और हमारा मानना है कि ऐसा करने के लिये पत्थर का कलेजा होना चाहिए.
सारंगी साहब ने शायद महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की रचना 'नमक का दारोगा' को अपने जीवन में उतार लिया है.प्रेमचंद ने लिखा था मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चांद है, जो एक दिन दिखाई देता है और घटते-घटते लुप्त हो जाता है. ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है, जिससे सदैव प्यास बुझती है. वेतन मनुष्य देता है, इसी से उसमें वृद्धि नहीं होती. ऊपरी आमदनी ईश्वर देता है, इसी से उसकी बरकत होती है. सारंगी साहब करीब 4 महीने पहले फरवरी 2025 में ओडिशा के ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर बने. वहां सड़क और पुल के सारे प्रोजेक्ट इनके दस्तखत के बाद ही आगे बढ़ते थे और इनकी आय से अधिक संपत्ति शायद ऐसे प्रोजेक्ट्स से ही मिली होगी. हालांकि भारत में एक नहीं सैंकड़ों सारंगी साहब हैं जो काले धन का पहाड़ बना चुके हैं.
काला धन को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाये जाते हैं. दावा है कि देश में जीडीपी का 50 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक काला धन मौजूद है. अगर हम इसे 50 फीसदी भी मानें तो ये आंकड़ा 174 लाख करोड़ रुपये के करीब है और हमारे 2025-26 के बजट का करीब साढ़े तीन गुना है. ये आंकड़ा हमारे रक्षा बजट का करीब 25 गुना है. इतने पैसों से 15 लाख से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा सकता है. रेलवे के सबसे महंगे प्रोजेक्ट्स में एक बुलेट ट्रेन के भी 1 हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट्स तैयार किये जा सकते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक औसतन सालाना करीब 28 हजार करोड़ रुपये के आस-पास काले धन की बरामदगी हुई है.
हालांकि सारंगी जैसे लोग बिना किसी डर के काला धन इसलिये कमाते हैं क्योंकि NCRB के मुताबिक भ्रष्टाचार के मामलों में कन्विक्शन रेट करीब 40 फीसदी है. यानी हर 100 में से सिर्फ 40 मामलों में सजा मिलती है. ((2022 के आंकड़े)) भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सीबीआई का कन्विक्शन रेट हर 100 में सिर्फ 3 है. कहा जाता है कि सरकारी अधिकारियों के लिये भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार है..और सारंगी जैसे अधिकारियों की वजह से ही हमारा देश दुनिया के 180 भ्रष्ट देशों की लिस्ट में 96 नंबर पर है.