Advertisement
trendingNow13078901

Magic win बेटिंग एप मामले में ED का एक्शन, 14 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Magicwin betting case: ईडी की जांच में ये भी पता चला है कि मैजिकविन वेबसाइट यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड कंपनी मैजिकविन स्पोर्ट्स लिमिटेड की है. इसके डायरेक्टर गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी हैं, जो पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं और कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं.

Magic win बेटिंग एप मामले में ED का एक्शन, 14 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

ED: मैजिकविन वेबसाइट से जुड़े सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस मामले में कुल 14 लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है, जो इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं. 

ईडी की तरफ से ये जांच अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. एफआईआर में आरोप है कि मैजिकविन वेबसाइट के संचालकों ने आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के मैचों का प्रसारण और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग बिना अनुमति किया था, जबकि इसके अधिकार सिर्फ स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास थे.

ऑनलाइन सट्टेबाजी
ईडी की जांच में सामने आया है कि मैजिकविन एक ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म है, जो वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए संचालित होता है. जहां बैकारेट, तीन पत्ती, रूलेट, पोकर और ब्लैकजैक जैसे लाइव कैसीनो गेम्स खेले जाते हैं.  इसके साथ-साथ क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और हॉर्स रेसिंग जैसे खेलों पर भी सट्टा लगाया जाता है. इस एप के जरिए यूजर लाइव स्कोर और मैच की स्ट्रीमिंग देखते हुए दांव लगाते थे.

Add Zee News as a Preferred Source

यूके रजिस्टर्ड कंपनी
ईडी की जांच में ये भी पता चला है कि मैजिकविन वेबसाइट यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड कंपनी मैजिकविन स्पोर्ट्स लिमिटेड की है. इसके डायरेक्टर गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी हैं, जो पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं और कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं. 

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में नहीं रुक रही हिन्दुओं की हत्या, रिपन के बाद लिटन को मौत के घाट उतारा

सट्टेबाजी का लेनदेन

जांच एजेंसी की तरफ से खुलासा किया है कि सट्टेबाजी के लेनदेन के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया गया था. वहीं कुछ मामलों में खिलाड़ियों को घरेलू मनी ट्रांसफर सेवाओं के जरिए भुगतान किया गया था. शुरुआती कार्रवाई में ईडी ने करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया था और कई डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए थे. ईडी के अनुसार, कई सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी मैजिकविन एप के लिए प्रचार कर चुके हैं. साथ ही, सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए इधर-उधर किया गया है. मामले की जांच अभी जारी है.

इनपुट--आईएएनएस

About the Author
author img
Naveen Sheoran

नवीन कुमार 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. वर्तमान में ज़ी न्यूज़ डिजिटल में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज़्म में मास्टर डिग्री प्राप्त की है. ज...और पढ़ें

TAGS

Trending news