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इस डिजिटल युग में जिंदगी जितनी आसान कर दी है, उतना ही खतरों को भी बढ़ा दिया है. साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं. स्कैमर्स लोगों से पैसे ऐंठने का रोज कोई न कोई नया तरीका इजाद कर लेते हैं. अभी इस समय डिजिटल अरेस्ट से ठगी के मामले बहुत ज्यादा आ रहे हैं.
हाल ही में ठगों ने बैंगलोर की एक सीनियर रिटायर्ड महिला डॉक्टर को अपना निशाना बनाया. तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा, जिसके दौरान उनकी मौत हो गयी. हालांकि ठगों ने तब 6 लाख रुपए की ठगी कर ली थी. लेकिन फिर इतना काफी नहीं था. इसलिए डॉक्टर की मौत के बाद भी वो लगातार मोबाइल पर मैसेज और कॉल करते रहे.
क्या है पूरा मामला
5 सितंबर को महिला को व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आती है. कॉल एक अनजान नंबर से होता है, लेकिन DP में बेंगलुरु पुलिस के अधिकारियों की फोटो लगी होती है, जिसे देखकर महिला फोन उठा लेती है. जिसके बाद आरोपी महिला को कई कानूनी कागजात दिखाते हैं, जिस पर ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की फर्जी मुहर लगी होती है. ये सब कुछ दिखने में इतना वास्तविक होता है, कि महिला को ठगी का कोई अंदाजा नहीं होता है. आरोपी कहते हैं कि महिला पर मानव तस्करी का आरोप है, जिससे उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है. इससे बचाने के लिए पैसे की डिमांड करते हैं.
डिजिटल अरेस्ट करके ठगे 6 लाख
आरोप को सुनते ही महिला डर से 6.6 लाख रुपए ठगों को उनके बताए अकाउंट में सेंड कर देती है. 70 घंटे तक महिला को डिजिटल अरेस्ट करके रखा जाता है, ताकि और पैसे निकाले जा सके. वीडियो कॉल कर करके महिला को डराया धमकाया जाता है.
हार्ट अटैक से हुई मौत
महिला इतनी ज्यादा डर चुकी थीं कि वो ये प्रेशर ज्यादा देर तक हैंडल नहीं कर सकी. जिसके बाद हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हो गयी. लेकिन ठगी अभी नहीं रुकी. आरोपी लगातार कॉल मैसेज करते रहे. जिसके बाद परिवार को पूरा मामला पता चला और उन्होंने हैदराबाद साइबर क्राइम में रिपोर्ट की.