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जर्मनी में बैठे आतंकी ने कैसे कर दी पंजाब में हथियारों की सप्लाई, पढ़ें परत दर परत की पड़ताल

ZEE मीडिया की टीम उसी राइस मिल में पहुंची और जहां से फॉरेंसिक टीम और सुरक्षा एजेंसियों आकाशदीप की निशानदेही पर ड्रोन (Drone) के जलाए हुए टुकड़े बरामद कर कब्जे में लिए गए थे. वहां पर तीन से चार जोड़े फॉरेंसिक टीम की ओर से इस्तेमाल ग्लव्स मिले हैं. कोई चीज जलाने के बाद बची राख के टुकड़े मिले हैं.

जर्मनी में बैठे आतंकी ने कैसे कर दी पंजाब में हथियारों की सप्लाई, पढ़ें परत दर परत की पड़ताल
ड्रोन के जरिए भारत में हथियारों की सप्लाई की गई.

तरनतारन: जर्मनी में बैठे आतंकी गुरमीत सिंह बग्गा (Gurmeet Singh Bagga) और रंजीत सिंह नीटा (Ranjit Nita) के इशारे पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने पाकिस्तान से ड्रोन (Drone) के जरिए भारत में हथियार भेजे थे. इनमें 5 AK47, 16 मैगजीन, 472 गोलियां, 4 चाइनीज पिस्टल, 8 मैग्जीन, 72 गोलियां, 9 हैंड ग्रेनेड, 5 सेटेलाइट फोन, दो वायलेस सेट शामिल थे. इन सभी हथियारों को ड्रोन (Drone) के जरिए तरनतारन के सरहदी गांव राजोके में उतारा गया था. इसका खुलासा गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप सिंह और बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निंहग ने किया है. 

इसके बाद आकाशदीप सिंह और बलवंत सिंह पाकिस्तानी ड्रोन (Drone) को कस्बा झब्बाल में 15 साल से बंद पड़ी मैसेस लक्ष्मी राइस मिल लेकर आए और वहां पर ड्रोन (Drone) को जलाने की कोशिश की ताकि ड्रोन (Drone) किसी के हाथ न लग सके. ZEE मीडिया की टीम उसी राइस मिल में पहुंची और जहां से फॉरेंसिक टीम और सुरक्षा एजेंसियों आकाशदीप की निशानदेही पर ड्रोन (Drone) के जलाए हुए टुकड़े बरामद कर कब्जे में लिए गए थे. वहां पर तीन से चार जोड़े फॉरेंसिक टीम की ओर से इस्तेमाल ग्लव्स मिले हैं. कोई चीज जलाने के बाद बची राख के टुकड़े मिले हैं.

झब्बाल से खेमकरण रोड से 50 मीटर अंदर के रास्ते में स्थित मैसेस लक्ष्मी राइस मिल है. 15 साल से बंद पड़ी इस मिल के मुख्य गेट के साथ ही पनग्रेन का गोदाम भी है. जहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. मिल के इस गेट से अंदर जाना किसी के लिए मुशकिल है, लेकिन उक्त आतंकी पूरा होमवर्क करके आए थे. उन्होंने इस मिल में घुसने का रास्ता खोज निकाला. मिल के पीछे वाले हिस्से की दीवार तोड़कर चोर रास्ता बनाया गया है. पीछे वाली दीवार के पीछे खेत ही खेत हैं. इस चोर रास्ते तक उन खेतों से एक पगडंडी जाती है. उसी पगडंडी का इस्तेमाल कर उक्त आतंकी इस मिल में घुसे थे और मिल के एक कमरे में ड्रोन (Drone) को खुर्दबुर्द करने की कोशिश की.

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15 साल से बंद पड़ी राइस मिल में नहीं कोई सुरक्षाकर्मी
यह राईस मिल लगभग 15 साल से बंद पड़ी है. पड़ोसी गोदाम में तैनात सुरक्षाकर्मी रंजीत सिंह ने बताया कि इस मिल में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है. मिल बरसों से बंद है. मुख्य गेट पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी है और न ही चौकीदार है. उन्होंने बताया कि इस मिल के पीछे टूटी दीवार के रास्ते कई बार चोर भी दाखिल होकर उनके गोदाम से गेहूं से भरी बोरियां चोरी करने की कोशिश कर चुके हैं.

सोमवार की रात आकाशदीप को राइस मिल लेकर आई थी SSOC
एसएसओसी की टीम सोमवार की रात आकाशदीप को लेकर राइस मिल पहुंची. इसकी पुष्टी मिल के साथ सटे पनग्रेन के गोदाम में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने की. सुरक्षाकर्मियों की माने तो तीन से चार गाड़ियों राइस मिल गेट के नजदीक आकर रुकी. उसमें से पुलिस की वर्दी के साथ साथ सिविल में 12 से 15 लोग थे. वह राइस मिल के मुख्य गेट में लगी संगली को खोल अंदर गए. अंधेरा था इसलिए वह साथ में बड़ी-बड़ी लाइट लाए हुए थे. सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक उन्हें राइस मिल के पास नहीं आने दिया गया. पूरी रात उक्त लोग मिल में रहे और सुबह 6 बजे के लगभग चले गए.

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मिल के पिछले हिस्से चोर रास्ते से दाखिल हुए आतंकी
पनग्रेन सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक मिल के पीछे वाली दीवार का कुछ हिस्सा एक दो सालों से टूटा पड़ा है. किसने तोड़ा और क्यों तोड़ा उन्हें नहीं पता. पिछली दीवार के साथ सटे खेत किसके हैं यह भी उन्हें नहीं पता. उन्होंने आशंका जताई कि इसी रास्ते का इस्तेमाल आतंकियों ने भी किया हो सकता है.  

राजोके के सरपंच के मुताबिक गांव में किसी ने नहीं देखा ड्रोन (Drone)
राजोके गांव के सरपंच निशान सिंह के मुताबिक सुनने में आया था कि पाकिस्तान की तरफ से हथियारों के साथ आया ड्रोन (Drone) उनके गांव में पहुंचा था. निशान सिंह की माने तो उनके गांव में किसी ने भी उक्त ड्रोन (Drone) को नहीं देखा और न ही कोई पुलिस कर्मी इस संबंध में उनके गांव में आया.

यह था मामला
22 सितंबर को स्टेट स्पेशल ऑप्रेशन सेल की टीम ने तरनतारन के कस्बा चोहला साहिब से स्विफ्ट कार में सवार खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था. उनसे 5 AK-47 (16 मैगजीन व 472 गोलियां), 4 चीन की बनी .30 बोर पिस्टल (8 मैगजीन व 72 गोलियां), 9 हैंड ग्रेनेड , 5 सेटेलाइट फोन, 2 मोबाइल फोन, 2 वायरलेस सेट, 10 लाख रुपये की नकली भारतीय नकदी बरामद हुई थी. इसके बाद पुलिस ने जेल में बंद इनके साथी मान सिंह नाम के आतंकी को भी प्रोटेक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था.