सर! मेरी बेटी लापता है..., पुलिस का जवाब- 'किसी के साथ भाग गई होगी...'

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब पीड़िता के पिता बेटी के साथ अनहोनी की आशंका की शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, तब पुलिस ने उनसे कहा था कि तुम्हारी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी. 

सर! मेरी बेटी लापता है..., पुलिस का जवाब- 'किसी के साथ भाग गई होगी...'
हैदराबाद रेप केस में न्याय की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन का दौर जारी है. तस्वीर साभार- IANS

नई दिल्ली: संसद से सड़क तक हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और निर्मम हत्या की घटना की निंदा हो रही है, लेकिन पीड़िता के परिजनों ने एक ऐसा आरोप लगाया है जो पूरे पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर रहा है. हैदराबाद की निर्भया के साथ दरिंदगी में पुलिस का भी शर्मनाक किरदार सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब पीड़िता के पिता बेटी के साथ अनहोनी की आशंका की शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, तब पुलिस ने उनसे कहा था कि तुम्हारी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी. 

परिवार का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से कहा कि वो उनकी बेटी को ढूंढने के लिए कम से कम टोल प्लाजा तक चल लें, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. उल्टा दूसरे थाने का मामला बताते हुए उन्हें दूसरी जगह जाने के लिए कहा गया.

परिवार वालों के मुताबिक रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यानी पुलिस ने अगर वक्त पर कार्रवाई की होती तो शायद हैदराबाद की निर्भया जिंदा बच सकती थी.

दोषियों को भीड़ के हवाले करने के पक्ष में हैं सांसद जया
हैदराबाद की निर्भया केस का मामला लोकसभा और राज्यसभा में भी उछला. राज्यसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद जया बच्चन ने भी तेलंगाना की इस घटना पर रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शर्म की बात नहीं है, यह बहुत ही भयावह है. जया ने कहा कि यद्यपि यह अति होगी, लेकिन महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए लिंचिंग एक मात्र उपाय होगा.

अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी दोषियों को कठोर दंड देने का आह्वान किया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों से निपटने के लिए अतीत में कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन क्रूरता के ऐसे कार्यों के खिलाफ समाज के लोगों के लिए उठ खड़े होने का समय है.

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तृणमूल सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने और कड़ी सजा देने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने चाहिए. सेन ने कहा, 'सजा को प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि लोग ऐसा जघन्य अपराध करने से पहले दो बार सोचें.' भारत में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पर हो रही चर्चा और सुझाव के साथ सदन में शून्यकाल शुरू हुआ.

सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा, 'हैदराबाद में जो कुछ हुआ, वह मानवता के सभी सिद्धांतों के लिए अपमानजनक और बेहद निंदनीय है.' जया बच्चन ने कहा कि इस तरह के भीषण अपराध करने वालों को पूरे देश के सामने बेइज्जत किया जाना चाहिए और पीट-पीट कर मार डालना चाहिए. उच्च सदन के सदस्यों ने कहा कि इस भीषण घटना ने राष्ट्र की अंतर्आत्मा को हिला दिया है.