जानिए नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए एंटी CAA प्रदर्शन और दंगो की इनसाइड स्टोरी

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए प्रदर्शन और दंगे कोई अचानक हुई हिंसा नहीं थी बल्कि उसके लिए बाकायदा पहले से ही पूरी पटकथा लिखी जा चुकी थी.

जानिए नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए एंटी CAA प्रदर्शन और दंगो की इनसाइड स्टोरी
फाइल फोटो

नई दिल्ली: नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए प्रदर्शन और दंगे कोई अचानक हुई हिंसा नहीं थी बल्कि उसके लिए बाकायदा पहले से ही पूरी पटकथा लिखी जा चुकी थी. क्राइम ब्रांच (Crime Branch) की चार्जशीट में ये बताया गया कि इशरत जहां, खालिद शैफी से मंडोली जेल में पूछताछ की गई तो खालिद ने बताया कि उन्होंने इस वारदात को योजना बनाकर अंजाम दिया है.

खालिद ने बताया कि अमन्नुल्ला और जामिया के कुछ छात्रों ने उनका साथ दिया है. उनको लगता था कि ये सरकार मुस्लिम विरोधी है और कश्मीर में धारा 370 और 35A हटने के बाद उन्हें पक्का यकीन हो गया था. फिर बाबरी मस्जिद को लेकर उनका गुस्सा ज्यादा हो गया था और फिर CAA लागू कर दिया गया था. NRC और NPR लाने की बात हो रही थी.

तब उन लोगों को लगा कि अब यही मौका है लोगों को भड़काकर इस मुद्दे को इतना बड़ा बना दो की सरकार हमारे सामने झुक जाएगी. 11 जनवरी 2020 को CAA, NRC और NPR के पर्चे बाटवाए गए. 12 जनवरी 2020 को इम्माम वसीम की सरपरस्ती में मदरसे में एक मीटिंग हुई जिसमें आसपास में रहने वाली औरतों को इकट्ठा करके धरने के लिए उकसाया और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया. 13 जनवरी को पेट्रोल पंप खुरेजी के पास धरने पर बैठ गए और फिर भाषण देकर लोगों और औरतों को भड़काते रहे.

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इसके बाद 23 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने की बात पता चली तो दिल्ली में अलग-अलग जगह रोड जाम करके प्रोटेस्ट करने का प्लान बनाया और प्रोटेस्ट को हटाने पर दंगो में बदलने की प्लानिंग की ताकि सरकार की विदेशों में इमेज खराब हो जाए. इस सबके लिए इनको पीएफआई से पैसा मिल रहा था. इस योजना के तहत 25 फरवरी को खुरेजी में जाम किया और पुलिस के मना करने पर उन पर पथराव किया. क्राइम ब्रांच की ये चार्जशीट खुरेजी में हुई हिंसा के मामले की है.

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