अंधेरी मुंबई में रह रहे 23 साल के डिलीवरी बॉय ने पिता, दादा और चाचा का चाकू से गला काट दिया. इस जानलेवा हमले में सिर्फ चाचा की जान बच पाई. आरोपी ने पुलिस को खुद सरेंडर किया. आरोपी ने बताया कि तीनों आए दिन नशे में धुत झगड़ा करते थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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मुंबई के अंधेरी इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. एक 23 साल के युवक ने अपने पिता और दादा की चाकू से हत्या कर दी. इस घटना में उसका चाचा भी गंभीर रूप से घायल हो गया है. आरोपी चेतन मनोज भाटरे ने मंगलवार देर रात वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद खून से सना चाकू लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया.
पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. यह दिल दहला देने वाली घटना संतोषी माता चॉल में हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जानकारी के अनुसार, युवक ने पारिवारिक कलह और शराब की लत से तंग आकर यह कदम उठाया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है.
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पारिवारिक कलह से परेशान
एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के मुताबिक, यह घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे हुई. आरोपी चेतन भाटरे एक मेडिकल स्टोर पर डिलीवरी बॉय का काम करता है. जब वो काम से घर लौटा तो उसने देखा कि उसके पिता मनोज भाटरे (57), दादा बाबू भाटरे (79) और चाचा अनिल भाटरे (54) शराब के नशे में धुत थे. आपस में झगड़ रहे थे. पुलिस को दिए गए बयान में चेतन ने बताया कि उसके पिता नशे की हालत में उस पर हमला करने लगे, जिससे वह गुस्से में आ गया. गुस्से में आकर चेतन ने किचन से चाकू उठाकर तीनों का गला रेत दिया.
पिता-दादा की मौके पर मौत
हमले में चेतन के पिता और दादा को इतनी गंभीर चोटें आई कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. जबकि चाचा अनिल भाटरे ने किसी तरह अपनी जान बचाई. अनिल को तुरंत नायर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है.
खुद पहुंचा पुलिस स्टेशन
दोहरी हत्या को अंजाम देने के बाद चेतन ने भागने की कोशिश नहीं की. वह हाथ में खून से सना चाकू लिए सीधे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन पहुंचा और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अधिकारी ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर उच्च अधिकारियों को सूचित किया.
घर नरक बना दिया था
चेतन ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार में लंबे समय से कलह चल रही थी. उसने कहा, "मेरे पिता, दादा और चाचा सभी शराबी थे. वे रोज झगड़ते थे और मेरी कमाई को शराब में खर्च करते थे. मेरी मां दो साल पहले इसी सब से तंग आकर घर छोड़कर चली गई थी. मेरी बहन भी इसी पीड़ा से गुजर रही थी. मैं टूट चुका था." उसने बताया कि परिवार में लगातार चल रहे झगड़ों ने घर का माहौल नर्क बना दिया था.
ये धाराएं लगायी गई
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या) और 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है और सबूत जुटाए हैं. आरोपी चेतन भाटरे को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा.