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मुंबई के प्रतीक्षा नगर पुलिस क्वार्टर में एक 52 साल के कांस्टेबल की मौत. शुरू में इसे एक दुर्घटनावश मौत माना गया था. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के आरोपों के आधार पर पुलिस ने कांस्टेबल की पत्नी और बेटे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला किया. दोनों की गिरफ्तारी हो गयी है. मृतक का नाम प्रवीन सूर्यवंशी है, जो शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे.
9 सितंबर को प्रवीन सूर्यवंशी अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए थे. शुरुआत में पुलिस ने एडीआर (Accidental Death Report) दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. लेकिन जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि प्रवीन की मौत नेचुरल नहीं थी. कॉन्स्टेबल के शरीर पर 38 गंभीर चोट थे. जिसके बाद पुलिस को शक हुआ और रिश्तेदारों से पूछताछ की गयी.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रवीन का अपनी पत्नी स्मिता सुर्यवंशी (42) और बेटे प्रतिक (22) के साथ लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. प्रवीन ने हाल ही में नासिक और कल्याण की अपनी संपत्ति अपने अन्य रिश्तेदारों के नाम कर दी थी. अपना एटीएम कार्ड भी भाई को सौंप दिया था. यह बात पत्नी और बेटे को नहीं पसंद थी. 9 सितंबर को स्मिता और प्रतिक ने प्रवीन से शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के बाहर झगड़ा किया. इसके बाद जब वे घर लौटे, तो उन्होंने प्रवीन पर हमला किया. पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान उन्होंने प्रवीन को खिड़की के पैनल पर जोर से धकेल दिया, जिससे शीशा टूट गया और उनके शरीर पर कई गंभीर कट लगे.
तड़पता छोड़ गए बीवी-बेटा
चौंकाने वाली बात यह है कि हमले के बाद मां-बेटा उन्हें तड़पता छोड़कर चले गए. कई घंटे बाद जब प्रवीन के रिश्तेदार घर पहुंचे, तो उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया और फौरन सायन अस्पताल ले गए. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. रिपोर्ट में सामने आया कि वह अधिक खून बहने की वजह से मरे और समय पर इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी.
पुलिस की कार्रवाई
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के आरोपों के आधार पर पुलिस ने अब मामला एडीआर से बढ़ाकर गैर इरादतन हत्या (IPC की धारा 304) में दर्ज किया है. बुधवार को पुलिस ने स्मिता और प्रतिक को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों से पूछताछ जारी है और आगे की जांच की जा रही है.
घरेलू हिंसा का मामला
यह मामला घरेलू विवादों की ओर इशारा करता है, जहां निजी मतभेद एक व्यक्ति की जान लेने तक पहुंच जाते हैं. पुलिस इस पूरे मामले में अब हर एंगल से जांच कर रही. क्या यह हमला जानबूझकर किया गया या फिर गुस्से में उठाया गया एक खतरनाक कदम था, अभी इसका खुलासा होना बाकी है.