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NIA Raid: भारत में एक बड़ी आतंकवादी वारदात को होने से रोक लिया गया. ये मामला आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ा था जिसके हैंडलर्स आईईडी यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के जरिए देश में धमाके कराने की फिराक में थे. इस केस यानी विजयनगरम आईएसआईएस मामले में एनआईए की टीम ने आठ राज्यों के 16 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए आतंकी नेटवर्क की मॉडस अप्रैंडी समेत कई चीजों का पता लगाया है. आपको बताते चलें कि एजेंसी की रेड में कैश समेत काफी आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है.
क्या है मामला
ये मामला इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के इस्तेमाल से आतंक फैलाने की साजिश से जुड़ा है, जिसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए समर्थन दिया गया था. NIA के बयान के मुताबिक 16 जगहों पर हुई रेड के दौरान व्यापक, समन्वित तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, नकदी और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है.
ज्वाइंट एक्शन में कामयाबी
NIA ने आंध्र प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय में एक साथ तलाशी की योजना बनाई और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली में पूरी तैयारी के साथ सावधानीपूर्वक छापेमारी की. रेड की कार्रवाई कुछ समय पहले इस केस के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के करीब तीन हफ्ते बाद हुई. इस केस में आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब को 27 अगस्त को दबोचा गया था जब वह सऊदी अरब के रियाद शहर भागने की फिराक में था.
जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि आरोपी ने नेपाल सीमा के माध्यम से हथियारों की आपूर्ति की व्यवस्था करने के लिए सह-अभियुक्तों के साथ साजिश रची थी. एनआईए इस मामले की जांच कर रही है, जिसे आरोपी सिराज-उर-रहमान की गिरफ्तारी के बाद विजयनगरम पुलिस ने जुलाई से दर्ज किया था. पुलिस ने सिराज को गिरफ्तार किया, क्योंकि उसके पास विस्फोटक डिवाइस (आईईडी) बनाने के लिए संदिग्ध रासायनिक पदार्थ मिले थे.
एनआईए के बयान में बताया गया कि पूछताछ के दौरान, सिराज ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का खुलासा किया. इसके बाद पुलिस ने एक अन्य आरोपी, सईद समीर, को भी गिरफ्तार किया. एनआईए की जांच से पता चला है कि सिराज और समीर दोनों इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम, सिग्नल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को भड़काने में सक्रिय रूप से शामिल थे. (IANS)