निर्भया के रेपिस्ट अक्षय की दलील, प्रदूषित हवा से हो रही मौत तो फांसी की क्या जरूरत

याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है, यहां का पानी जहरीला हो चुका है और ऐसे में जब खराब हवा और पानी के चलते उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है.

निर्भया के रेपिस्ट अक्षय की दलील, प्रदूषित हवा से हो रही मौत तो फांसी की क्या जरूरत
निर्भया केस के दोषी अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की पुनर्विचार अर्जी.

नई दिल्ली: निर्भया गैंरेप और हत्याकांड के दोषी अक्षय कुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल पुनर्विचार अर्जी में कई अजीबोगरीब दलीलें दी गई हैं. याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है, यहां का पानी जहरीला हो चुका है और ऐसे में जब खराब हवा और पानी के चलते उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है.

यही नहीं अक्षय कुमार की तरफ से दायर पुनर्विचार अर्जी में वेद पुराण और उपनिषद में लोगों की हजारों साल तक जीने का हवाला दिया गया है. अर्जी में कहा गया है इन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सतयुग में लोग हजारों साल तक जीते थे. त्रेता युग में भी एक एक आदमी हजार साल तक जीता था, लेकिन अब कलयुग में आदमी की उम्र 50 से साल तक सीमित रह गई है, तो फिर फांसी की सजा देने की जरूरत नहीं है.

निर्भया गैंरेप और हत्या मामले में तिहाड़ जेल में फांसी की सजा काट रहा अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. बाकि तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुका है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी. गौरतलब है कि निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना 16 दिसंबर 2012 को हुई थी. गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप और हत्या की घटना 16 दिसंबर 2012 को हुई थी.

तिहाड़ में हो रही फांसी देने की तैयारी
उधर, निर्भया केस के दोषियों को फांसी देने के लिए दिल्ली के तिहाड़ जेल में तैयारी शुरू हो चुकी है. निर्भया केस के एक दोषी पवन जो मंडोली जेल में बंद था इसे रविवार (8 दिसंबर) को तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. अब राष्ट्पति जैसे ही मर्सी खारिज करने का आदेश देते हैं, उसके बाद 14 दिनों के बाद उसे फांसी दे दी जाएगी. राष्ट्पति का आदेश आने के 15वें दिन उसे फांसी पर लटकाया जा सकता है. इसी बीच कोर्ट से ब्लैक वारंट यानि डेथ वारंट जारी कराया जाएगा. 

विनय के अलावा किसी और दोषी ने मर्सी अर्जी नहीं लगाई है. उनके वकील अगर अब मर्सी लगाने के लिए कोर्ट को कहेंगे तो कोर्ट पर निर्भर करता है पर उम्मीद नहीं है, क्योंकि पहले ही समय दिया जा चूका है. 

राष्ट्पति ने हरी झंडी दी उसके तुरन्त बाद 15वें दिन फांसी दे दिए जाने की पूरी उम्मीद है. एक बात साफ है सभी चारों दोषियों अक्षय पवन मुकेश विनय सबका डेथ वारन्ट एक साथ दिया जाएगा. सूत्रों का कहना है रिव्यू पिटिशन डालने का अक्षय का कोई फायदा अब नहीं है.

इनपुट: प्रमोद शर्मा 

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