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Pune Murder: महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक शख्स ने बिल्कुल क्राइम थ्रिलर फिल्म की तरह अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया है. वाइफ की हत्या कर उसने सबूत मिटाने के लिए जिस तरह की साजिश रची, उसके बारे में जानकर आपको फिल्म 'दृश्यम' की याद आ जाएगी. शनिवार को वारजे-मालवाड़ी पुलिस ने 42 वर्षीय व्यक्ति को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते उसकी हत्या करने और उसके शव को जलाकर सबूत नष्ट करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया.
हैरान करने वाली बात ये है कि पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपराध करने के लिए फिल्म “दृश्यम” से प्रभावित होने की बात स्वीकार की। आरोपी की पहचान शिवाने, पुणे के तलाठी ऑफिस के पास स्वामी संकुल अपार्टमेंट निवासी समर पंजाबराव जाधव के रूप में हुई है. वो ऑटोमोबाइल डिप्लोमा धारक है और गैराज चलाता है. वहीं मृतका, 38 वर्षीय अंजलि समीर जाधव, एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी.
पुणे में हुए इस खौफनाक घटना से हड़कंप मचा है, जहां शख्स ने पुलिस के सामने ये कुबूल किया कि उसने फिल्म 'दृश्यम' देखकर पत्नी की हत्या और सबूत मिटाने की साजिश रची थी. उसने कत्ल करने के पीछे की जो वजह बताई है, वो भी हैरान करने वाला है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समर का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था. पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए उसने साजिश रची. आरोपी ने अपने दोस्त के मोबाइल से अपनी पत्नी को मैसेज भेजकर उसके चरित्र पर आरोप लगाया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसकी पत्नी 26 अक्टूबर को खेड़ शिवपुर के पास मरियाई घाट घूमने गए थे. लौटते समय, वे शिंदेवाड़ी के गोगलवाड़ी फाटा में किराए पर लिए गए एक गोदाम में रुके. जब दंपति वहाँ खाना खा रहे थे, तभी आरोपी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी. सबूत मिटाने के लिए, उसने शव को लोहे के बक्से में रखकर जला दिया, राख नदी में फेंक दी और बक्से को खुरच दिया.
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संभाजी कदम ने घटना के बारे में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी ने एक विस्तृत योजना बनाई थी. उसने 18,000 रुपये मासिक किराए पर गोदाम लिया था, वहां लोहे का बक्सा बनवाया और जलाऊ लकड़ी भी जमा की थी.
अपराध के दो दिन बाद, आरोपी ने वारजे-मालवाड़ी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और मामले की आगे की कार्रवाई के लिए नियमित रूप से थाने आता-जाता रहा. मामला राजगढ़ पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया, लेकिन वारजे-मालवाड़ी पुलिस ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जांच जारी रखी.
वारजे-मालवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक विश्वजीत किनेगाडे ने कहा, "सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के बाद, हमें आरोपी की तरफ से दी गई जानकारी में विसंगतियां मिलीं. हमने उसे बुलाया और पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल कर लिया."