सीलमपुर हिंसा: दंगा फैलाने के दौरान आरोपी ले रहा था खुद की सेल्फी, हिस्ट्रीशीटर समेत 2 गिरफ्तार

सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई तस्वीरों के आधार पर एसआईटी ने सीलमपुर दंगों में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को धर दबोचा.

सीलमपुर हिंसा: दंगा फैलाने के दौरान आरोपी ले रहा था खुद की सेल्फी, हिस्ट्रीशीटर समेत 2 गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपियों को बुधवार सुबह कड़कडड़ूमा कोर्ट में पेश किया.

नई दिल्ली: सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई तस्वीरों के आधार पर एसआईटी ने सीलमपुर दंगों में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को धर दबोचा. इनकी पहचान के ब्लॉक झुग्गी सीलमपुर निवासी शहजाद (23) और गौतमपुरी निवासी नूर मो. (19) के तौर पर हुई है. पुलिस का दावा है कि फुटेज में इनमें से किसी के हाथ में पत्थर था और किसी के हाथ में लाठी-डंडा. कोर्ट ने बुधवार को दोनों आरोपियों को जुडिशल कस्टडी में जेल भेज दिया है. हालांकि पुलिस ने वीडियो के आधार पर 10 अन्य उपद्रवियों की पहचान कर ली है. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए उपद्रवों की जांच एसआईटी को सौंपे जाने के बाद सीलमपुर हिंसा में यह पहली गिरफ्तारी है.

सभी मामलों में लोकल पुलिस ने कुल 84 आरोपियों को अरेस्ट किया था. जिनमें से 8 जमानत लेने में सफल रहे. ऐसे में गिरफ्तार होने वालों की तादाद अब 91 पहुंच चुकी है. आने वाले दिनों में एसआईटी की टीमें कई और गिरफ्तारी कर सकती है.एसआईटी के मुताबिक, 3 जनवरी को यह मामला लोकल पुलिस से ट्रांसफर होकर आया था.

जांच के दौरान सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. इसमें तस्वीरें धुंधली आ रही थीं और उपद्रवी साफ नहीं दिख रहे थे. इसलिए एक्सपर्ट्स का सहारा लिया गया, जिन्होंने लेटेस्ट टेक्नॉलजी के जरिए वीडियो की क्वॉलिटी में सुधार किया. इसके जरिए सीलमपुर हिंसा में दो आरोपियों की पहचान हो गई, जिनमें सीलमपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर शहजाद है और गौतमपुरी निवासी नूर मो. थे.

एसआईटी की टीम ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को इलाके से ही धर दबोचा..पुलिस अधिकारियों की मानें तो नूर मोहम्मद ने दंगे के दौरान अपने मोबाइल फोन से कुछ वीडियो और फोटोग्राफ लिए थे. जिसकी मदद से पुलिस अब अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है. हालांकि दोनों सीसीटीवी में कैद हुए वीडियो में पथराव करते दिखाई दे रहे हैं.

पुलिस ने आरोपियों को बुधवार सुबह कड़कडड़ूमा कोर्ट में पेश किया. जहां से अदालत ने इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. नूर मोहम्मद के मोबाइल फोन में एसआईटी को 10 वीडियो और पंद्रह फोटोग्राफ मिले हैं. ये वीडियो और फोटोग्राफ एसआईटी के लिए अहम सबूत साबित होंगे.

क्योंकि खुद नूर मोहम्मद ने हिंसा के दौरान अपनी सेल्फी ली हुई थी. पुलिस का दावा है कि मोबाइल से मिली वीडियो और फोटोग्राफ में दिखने वाले उपद्रवियों की पहचान करने के बाद उनका दंगे में शामिल होने का रोल भी देखा जाएगा. उसके बाद ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.

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