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कोलकाता के उल्टाडांगा के होटल मैजेस्टिक इन में पुलिस ने छापा मारा तो जो सामने आया, उसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे. कमरा नंबर 303 में 15 साल की मासूम लड़की और 302 में 24 साल की जवान महिला – दोनों को तस्करी कर लाकर जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा था. पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा है इसके साथ ही होटल सील कर दिया है. कोलकाता पुलिस की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एक बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस मामले में दो महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि पांच की गिरफ्तारी हुई है.
उल्टाडांगा थाना क्षेत्र के होटल मैजेस्टिक इन में 30 अक्टूबर को की गई छापेमारी में एक लगभग 15 वर्षीय नाबालिग लड़की और एक 24 वर्षीय वयस्क महिला को यौन शोषण के जाल से बचाया गया. पुलिस ने एक महिला तस्कर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि होटल को ताला लगाकर सील कर दिया गया. मामला बीएनएस और पोक्सो एक्ट की धारा, साथ ही अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (आईएमटी) की धारा और 7 के तहत दर्ज किया गया है.
सूचना के आधार पर दोपहर लगभग 4:50 बजे छापेमारी की गई. 2ई, गुरुदास दत्ता गार्डन लेन, कोलकाता-67 स्थित इस होटल के कमरा नंबर 303 से नाबालिग लड़की को और कमरा नंबर 302 से वयस्क महिला को मुक्त कराया गया. दोनों ही महिलाएं बाहरी राज्यों से तस्करी कर लाई गई थीं और जबरन वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई थीं. छापे के दौरान एक महिला तस्कर (सीसीएल लड़की) को भी पकड़ा गया, जिसकी नाबालिग और वयस्क पीड़िता की तस्करी में प्रत्यक्ष भूमिका पाई गई. जब्त सामान में 5,000 रुपए के नकली नोट, निरोधक आदि शामिल हैं, जो अपराध की साजिश को उजागर करते हैं.
गिरफ्तार आरोपियों में सुभ्रज्योति बिस्वास (44 वर्ष), कुशमंडी, उत्तर दिनाजपुर (वेश्यालय संचालक), हिमांशु सिंह (28 वर्ष), बिहार के गंगपुर सिसवास (वेश्यालय प्रबंधक), अरुण पात्रा (32 वर्ष), पूर्व मेदिनीपुर (चौकीदार के रूप में संलिप्त) और लाल्टू घटन (25 वर्ष), पूर्व मेदिनीपुर (सहयोगी) शामिल हैं. ये सभी बिहार और पूर्वी बंगाल के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं, जो अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का संकेत देते हैं. पुलिस ने होटल की अचल संपत्तियों की सूची तैयार की है, लेकिन अभी जब्ती नहीं की गई. जांच के दौरान होटल की चाबी जब्त कर ली गई और पूरा परिसर सील कर दिया गया. (इनपुट आईएएनएस से)