34 युवा वैज्ञानिकों को मिली इस क्षेत्र में योगदान के लिेए सराहना, डॉ. हर्षवर्धन ने किया सम्मानित

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) 26 फरवरी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (एनआईआई) में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाया.

34 युवा वैज्ञानिकों को मिली इस क्षेत्र में योगदान के लिेए सराहना, डॉ. हर्षवर्धन ने किया सम्मानित
फाइल फोटो

नई दिल्ली: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को बायोटेक्नोलोजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के 34 युवा वैज्ञानकिों को सम्मानित करते हुए उनसे नया भारत के लिए नए समाधान तलाशने की अपील की. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) 26 फरवरी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (एनआईआई) में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. हर्षवर्धन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की.

बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 34 वैज्ञानिकों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. इस मौके पर युवा वैज्ञानिकों को हर गोविंद खुराना नवोन्मेष युवा जैव प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक पुरस्कार, एस. रामचंद्रन राष्ट्रीय जैव विज्ञान पुरस्कार, जानकी अम्मल राष्ट्रीय महिला जैव वैज्ञानिक पुरस्कार, टाटा नवोन्मेष फैलोशिप पुरस्कार और जैव प्रौद्योगिकी सामाजिक विकास पुरस्कार प्रदान किए गए.

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहा है, इसलिए इस दौरान नई चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी वैज्ञानिकों से नवाचारी परिकल्पनाओं के साथ काम में जुट जाएं. उन्होंने वैज्ञानिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा की गई 'नए भारत' की परिकल्पना को ध्यान में रखकर नए भारत के लिए नए समाधान तलाशने की अपील की.

इस मौके पर डॉ. हर्षवर्धन ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पूर्व सचिव दिवंगत प्रोफेसर एम.के. भान के योगदान के लिए उनकी याद में एम. के. भान यंग इन्वेस्टिगेटर्स रिसर्च अवार्ड शुरू करने की घोषणा की. प्रोफेसर एम.के. खान का हाल ही में निधन हुआ है.

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