DU के Final-Year के छात्रों की ओपन बुक परीक्षाएं स्थगित, जानिए पूरी डिटेल्‍स

  दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने COVID-19 महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए शनिवार को अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाओं को 10 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है.

DU के Final-Year के छात्रों की ओपन बुक परीक्षाएं स्थगित, जानिए पूरी डिटेल्‍स
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली:  दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने COVID-19 महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए शनिवार को अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाओं को 10 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. ये परीक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होने वाली थी. नई डेटशीट को 3 जुलाई को परीक्षा शाखा द्वारा अधिसूचित किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: Sushant Suicide Case को लेकर निशिकांत दुबे ने गृहमंत्री को लिखा लेटर, वायरल हुआ TWEET

विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना में लिखा है, 'सभी संबंधितों को सूचित किया जाता है कि सभी अंतिम सेमेस्टर / टर्म / वर्ष और पूर्व छात्रों के लिए OBE  मोड परीक्षाओं को, जो कि एकेडमी सत्र 2019-20 में एक बार के उपाय के रूप में अपनाई गई हैं. यूजी और पीजी सहित एसओएल और एनसीडब्ल्यूईबी की सभी स्‍ट्रीम्‍स की परीक्षाओं COVID-19 महामारी की मौजूदा स्थिति देखते हुए दस दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है.'

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि परीक्षा के ओबीई मोड से संबंधित 14.05.2020 पर परीक्षा शाखा द्वारा जारी किए गए मूल दिशानिर्देश आगे की पुनर्निर्धारित परीक्षाओं के लिए लागू होंगे. इसके अलावा, अधिसूचना में बताया गया है कि ओबीई मोड की प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता देने के लिए परीक्षा देने वाले छात्रों की सुविधा के लिए रिमोटली मॉक टेस्ट आयोजित किया जाना है, जो कि 4 जुलाई, 2020 से शुरू होंगे.

बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय के यूजी और पीजी परीक्षाओं के लिए 'ओपन-बुक' मोड ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के निर्णय की स्‍टूडेंट यूनियन और शिक्षकों ने काफी आलोचना की थी. इस परीक्षा में छात्रों को घर बैठे वेब पोर्टल से अपने संबंधित पाठ्यक्रम के लिए प्रश्न पत्र डाउनलोड करने के बाद, प्रश्नों का उत्तर देने के लिए अपने नोट्स और अन्य अध्ययन सामग्री का उपयोग करने की अनुमति होगी. स्‍टूडेंट को दो घंटे में आंसरशीट अपलोड करनी होगी.

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) ने परीक्षाओं की इस प्रणाली को "भेदभावपूर्ण" और "अनुचित" करार दिया.

DUTA ने परीक्षा के 'ओपन-बुक' सिस्टम को स्क्रैप करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को एक पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि स्‍टूडेंट्स को पांच सेमेस्टर के क्‍युमुलेटिव ग्रेड पॉइंट्स (CGPA) के आधार पर डिग्री दे देनी चाहिए.

उन्होंने तर्क दिया था कि परीक्षा की ऐसी प्रणाली ' डिग्री का अवमूल्यन करके और उसकी कठोरता को कम करके' उच्‍च शिक्षा को निजी करण की ओर बढ़ाएगी.' DUTA ने कथित तौर पर एक सर्वेक्षण किया था जिसमें 74% छात्र ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के खिलाफ थे.

वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बुधवार को परीक्षाओं और अकादमिक कैलेंडर के लिए विशेषज्ञ समिति से समीक्षा करने और अपने दिशानिर्देशों को संशोधित करने के बाद एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा.

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट किया था, 'मैंने @ugc_india को इंटरमीडिएट और टर्मिनल सेमेस्टर परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर के लिए पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों को फिर से जारी करने की सलाह दी है. संशोधित दिशानिर्देशों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा को ध्‍यान में रखकर बनाए गए हों.'