अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई को लेकर संसद में बोली सरकार, जानिए शिक्षा मंत्री ने क्या कहा...

एक सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी. 

अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई को लेकर संसद में बोली सरकार, जानिए शिक्षा मंत्री ने क्या कहा...

नयी दिल्ली:  भारत में मातृभाषा में शिक्षा को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. नई शिक्षा नीति में इसका प्रावधान किया गया है. आज संसद में भी सरकार ने इस बारे में जानकारी दी.  सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि शैक्षणिक सत्र 2021-2022 से तकनीकी संस्थानों में क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान मुहैया कराने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने के प्रयास किए हैं.  इसका मकसद उन प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करना है जिन्होंने स्थानीय भाषा में अपनी शिक्षा प्राप्त की है.

शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब
एक सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी. उनसे अंग्रेजी में कमजोर छात्रों को व्याावसायिक पाठ्यक्रमों में आने वाली दिक्कत के बारे में पूछा गया था. सवाल के जवाब प्रधान ने बताया कि क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने के प्रयास किए हैं. इसका मकसद तकनीकी क्षेत्र में स्थानीय भाषा शिक्षा पाने वाले छात्रों के आसानी से प्रवेश दिलाना है. 

NEET का 13 भाषाओं में आयोजन
प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति , 2020 के भी अनुरूप है , जिसके अनुसार शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा व स्थानीय भाषा का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि NEET परीक्षा अब 11 भाषाओं के बदले 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी. इसके साथ भी JEE Main का आयोजन तीन भाषाओं के स्थान पर 13 भाषाओं में किया जाएगा. 

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