close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

हरियाणा सरकार का स्‍कूलों के बड़ा फरमान, 3 साल से कम उम्र में नहीं होंगे एडमिशन

दिल्ली सरकार की तरफ से कक्षा 1 और 2 के छात्रों को होमवर्क से निजात दिलाने वाला सर्कुलर जारी होने के बाद हरियाणा सरकार ने भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है.

हरियाणा सरकार का स्‍कूलों के बड़ा फरमान, 3 साल से कम उम्र में नहीं होंगे एडमिशन

राजन शर्मा/ नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की तरफ से कक्षा 1 और 2 के छात्रों को होमवर्क से निजात दिलाने वाला सर्कुलर जारी होने के बाद हरियाणा सरकार ने भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. हरियाणा सरकार ने अपने एक अहम फैसला लेते हुए निजी और प्ले वे स्कूल के ऊपर शिकंजा कसा है. राज्य सरकार के नए आदेशों के अनुसार अब हरियाणा में 3 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन नहीं हो पाएगा. साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिले के शिक्षा अधिकारियों को लिखे गए पत्र में यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पहली कक्षा से पहले केवल दो ही क्लास स्कूल बच्चों को पढ़ा पाएंगे.

प्रीस्कूल के नाम पर केवल दो क्लास होंगी
सरकार की तरफ से शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र से साफ है कि पहली क्लास में आने से पहले अब तक बच्चे जो प्री नर्सरी, नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी 4 साल तक पढ़ते थे. सरकार के आदेश से यह स्पष्ट है कि प्रीस्कूल के नाम पर अब केवल दो क्लास ही स्कूल पढ़ा पाएंगे. आपको बता दें कि हरियाणा ही नहीं पूरे देश में ही कई निजी स्कूल पढ़ाई और बच्चों की ग्रोथ के नाम पर पहली कक्षा से पहले ही कई क्लास का प्रावधान कर देते हैं. सरकार के नए आदेश से उम्मीद की जा रही है कि न केवल बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई के बोझ से मुक्ति मिलेगी बल्कि जिन क्लास के नाम पर अब तक अभिभावकों की जेब लूटी जाती थी वह भी कांसेप्ट खत्म हो जाएगा.

प्लेवे स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएं
सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी को लिखी गई चिट्ठी में विभाग ने साफ किया है कि कई जगह पर तीन साल से कम बच्चों का एडमिशन भी किया जा रहा है जो NCERT और NCPCR के नियमों का उल्लंघन है. विभाग ने स्पष्ट किया है की सभी अधिकारी इस आदेश को सुनिश्चित कर निजी और प्लेवे स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएं.

इससे पहले बच्चों को भारी-भरकम बैग और होमवर्क से निजात दिलाने वाले केंद्रीय संसाधव मंत्रालय की गाइडलाइन के बाद दिल्ली सरकार की ओर से सभी स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया गया था. सर्कुलर के अनुसार कक्षा 1 और 2 के छात्रों को अब होमवर्क नहीं करना पड़ेगा. साथ ही पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के बैग का वजन 1.5 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होगा. वहीं कक्षा 3 और 4 के बच्चों के बैग का वजन 2 से 3 किलो निर्धारित किया गया है.

इसी तरह दिल्ली में कक्षा 6 और 7 के बैग का वजन 4 किलो, आठवीं से नौवीं कक्षा के छात्रों के बैग का वजन साढ़े चार किलो, दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन केवल पांच किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए. दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को सिर्फ हिंदी, इंग्लिश और गणित की कॉपियां लेकर जानी होगी.