Success Story: प्रयागराज की अपूर्वा को बिना कोचिंग के मिली 68वीं रैंक, जानें उनकी सफलता की कहानी
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Success Story: प्रयागराज की अपूर्वा को बिना कोचिंग के मिली 68वीं रैंक, जानें उनकी सफलता की कहानी

25 साल की अपूर्वा से जब उनकी सफलता को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे कोचिंग नहीं की थी. वाईएमसीए सेंटेनरी स्कूल एंड कॉलेज से 2013 में 84 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं करने के बाद उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से 2018 में बीटेक किया. उसके बाद अगस्त 2018 से घर पर रहकर सिविल सेवा की तैयारी करने लगीं.

Success Story: प्रयागराज की अपूर्वा को बिना कोचिंग के मिली 68वीं रैंक, जानें उनकी सफलता की कहानी

नई दिल्ली. UPSC Result 2020: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तरफ से शुक्रवार को सिविल सेवा 2020 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया. इस परीक्षा में संगमनगरी की अपूर्वा त्रिपाठी ने 68वीं रैंक हासिल की है. उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली है. मुख्य परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय भूगोल था. उन्होंने बिना कोचिंग के इस मुकाम को हासिल किया.

25 साल की अपूर्वा से जब उनकी सफलता को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे कोचिंग नहीं की थी. वाईएमसीए सेंटेनरी स्कूल एंड कॉलेज से 2013 में 84 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं करने के बाद उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से 2018 में बीटेक किया. उसके बाद अगस्त 2018 से घर पर रहकर सिविल सेवा की तैयारी करने लगीं.

अपूर्वा के पिता दिनेश त्रिपाठी सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता हैं. उनका परिवार मूलरूप से गोरखपुर की बांसगांव तहसील के मलांव गांव का रहने वाला है. दिनेश त्रिपाठी वर्ष 2000 से प्रयागराज में गंगानगर राजापुर में रह रहे हैं. मां सीमा त्रिपाठी गृहणी हैं. छोटी बहन अंजली बीएससी और छोटा भाई अनिमेष बीटेक कर रहा है.

अपूर्वा ने दी पेपर पैटर्न समझने की सलाह
प्रतियोगी छात्रों को अपूर्वा त्रिपाठी ने सलाह दी है कि जिस परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं, उसके पूर्व के वर्षों के प्रश्नपत्रों को जरूर देखें. सामान्य अध्ययन के लिए एनसीईआरटी और रिफरेंस बुक के अलावा करेंट अफेयर्स के लिए वेबसाइट के कंटेट को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करें. टेस्ट सीरीज ज्वाइन करने से पेपर लिखने में मदद मिलती है क्योंकि लिखने की प्रैक्टिस होना जरूरी है.

इसके अलावा उनका मानना है कि परीक्षा की तैयारी रेगुलर करनी चाहिए. अगर हो सके तो कुछ दिनों तक रिश्तेदारों से मिलना बंद कर देना चाहिए. क्योंकि इससे हमारा मन शांत रहता है और तैयारी बेहतर तरीके से कर पाते हैं. 

सात महीने में अपूर्वा मिली तीन बड़ी सफलता
अपूर्वा त्रिपाठी ने महज सात महीने में तीन बड़ी सफलता हासिल की है. इसी साल 17 फरवरी को घोषित पीसीएस 2019 के परिणाम में उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ था. उसके बाद 12 अप्रैल को जारी पीसीएस 2020 के रिजल्ट में एआरटीओ के पद पर सफलता मिली थी.

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