Solar Energy: भारत में सबसे सस्ते में लगते हैं सोलर प्रॉजेक्ट, चीन को भी पछाड़ा -रिपोर्ट
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Solar Energy: भारत में सबसे सस्ते में लगते हैं सोलर प्रॉजेक्ट, चीन को भी पछाड़ा -रिपोर्ट

भारत में छतों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट यानी सौर ऊर्जा परियोजनाओं दुनिया में सबसे सस्ती है. ये दावा एक सर्वे की रिपोर्ट में किया गया है. इंडिया में इसकी लागत 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है. इसके बाद चीन में ये 68 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है और वो दूसरा सबसे सस्ता देश है.

Solar Energy: भारत में सबसे सस्ते में लगते हैं सोलर प्रॉजेक्ट, चीन को भी पछाड़ा -रिपोर्ट

नई दिल्ली: भारत में छतों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट यानी सौर ऊर्जा परियोजनाओं दुनिया में सबसे सस्ती है. ये दावा एक सर्वे की रिपोर्ट में किया गया है. इंडिया में इसकी लागत 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है. इसके बाद चीन में ये 68 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है और वो दूसरा सबसे सस्ता देश है. देश में पिछले कुछ दिनों से कोयले की कमी को लेकर चिंता बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर बिजली संकट के रूप में सामने आ सकता है. इसको लेकर ये राहत की खबर है कि कोयला जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो रही है. इसी को लेकर देश में रिन्यूएबल ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है. रिन्यूएबल ऊर्जा में विंड और सोलर एनर्जी मुख्य भूमिका निभाती है.

बिजली की मांग का 49 प्रतिशत तक पूरा होने का अनुमान
इसे लेकर किए गए इस अध्ययन के अनुसार, आरटीएसपीवी से 2050 तक वैश्विक बिजली की मांग का 49 प्रतिशत तक पूरा होने का अनुमान है. ये अध्ययन रिपोर्ट अहमदाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय के पर्यावरण तथा ऊर्जा के लिये वैश्विक केंद्र के निदेशक प्रियदर्शी शुक्ल, लंदन स्थित इम्पीरियल कॉलेज की शिविका मित्तल और कोलंबिया विश्वविद्यालय से जेम्स ग्लिन ने तैयार की है. टीम का नेतृत्व आयरलैंड स्थित ऊर्जा, पर्यावरण और समुद्र के लिये प्रमुख शोध केंद्र एमएआरईआई के शोधकर्ता सिद्धार्थ जोशी ने किया.

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अध्ययन के अनुसार ग्लोबली देखें तो सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता में छतों पर लगाई जाने वाली सौर परियोजनाओं की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है. छतों पर सोलर प्लांट उत्पादन के लिए भारत में लागत 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है. वहीं चीन की बात करें तो उनकी लागत 68 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है. इसके अलावा अमेरिका और ब्रिटेन में ये 238 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा और 251 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा है.

लागत में आई भारी गिरावट
पिछले एक दशक में नीति केंद्रित पहल के साथ परियोजना स्थापित करने की लागत में भारी गिरावट से ग्लोबली आरटीएसपीवी के इस्तेमाल में काफी तेजी आई है. 2006 और 2018 के बीच, आरटीएसपीवी की स्थापित क्षमता 2,500 मेगावाट से बढ़कर 2,13,000 मेगावाट पहुंच गयी है. ये एक स्टडी की रिपोर्ट में आया है. अध्ययन के अनुसार वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता में छतों पर लगाई जाने वाली सौर परियोजनाओं की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है. 

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