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शिवसेना की आक्रामकता पर BJP की शीतलता, फडणवीस बोले- 'हम 5 साल सरकार चलाएंगे'

शिवेसना के विधायकों ने शनिवार को बैठक करके बता दिया कि वे मुख्यमंत्री पद के लिए 50-50 फॉर्मूले से कम पर नहीं मानने वाले हैं. वहीं शनिवार को ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra fadnavis) ने कहा, 'हम गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर निकले हैं. बीजेपी की अगुवाई में हमारा गठबंधन राज्य में पांच साल तक स्थाई सरकार चलाएगी.'

शिवसेना की आक्रामकता पर BJP की शीतलता, फडणवीस बोले- 'हम 5 साल सरकार चलाएंगे'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि बीजेपी की अगुवाई में पांच साल सरकार चलेगी.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार गठन के बीच में शिवसेना (Shiv Sena) और बीजेपी के बीच मुख्यमंत्री के पद को लेकर तनातनी चल रही है. शिवेसना के विधायकों ने शनिवार को बैठक करके बता दिया कि वे मुख्यमंत्री पद के लिए 50-50 फॉर्मूले से कम पर नहीं मानने वाले हैं. वहीं शनिवार को ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra fadnavis) ने कहा, 'हम गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर निकले हैं. बीजेपी की अगुवाई में हमारा गठबंधन राज्य में पांच साल तक स्थाई सरकार चलाएगी.' दोनों बयानों की तुलना करें तो शिवसेना (Shiv Sena) जहां ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री के पद को लेकर आक्रामक है वहीं बीजेपी बिल्कुल सधे अंदाज में उन्हें शांत करने की कोशिश कर रही है. शिवसेना (Shiv Sena) जहां खुद के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है, वहीं फडणवीस ने गठबंधन की सरकार की बात कही है. हालांकि फडणवीस अपने बयान में बीजेपी की अगुवाई में सरकार बनाने की भी बात कही है, जिस सीधे तौर से शिवसेना (Shiv Sena) को जवाब देने के रूप में समझा जा सकता है.

उधर, मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना (Shiv Sena) के साथ पेच फंसने पर बीजेपी (BJP) ने 30 अक्टूबर को विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है. सूत्रों का कहना है कि अगर नतीजों के तुरंत बाद सरकार में पदों को लेकर शिवसेना (Shiv Sena) से बातचीत सहमति तक पहुंच जाती तो हरियाणा की तरह महाराष्ट्र में भी शनिवार को ही विधायक दल की बैठक कर रविवार तक शपथ ग्रहण समारोह हो जाता. मगर बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच 'ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री' के फॉर्मूले पर सहमति न बन पाने के कारण बीजेपी (BJP) को चुनाव के नतीजे आने के छह दिन बाद विधायक दल की बैठक बुलाने को मजबूर होना पड़ा है.

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बीजेपी (BJP) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को मीडिया को बताया कि पार्टी ने 30 अक्टूबर को विधान भवन में विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी 105 नव निर्वाचित विधायक अपना नेता चुनेंगे. उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर को नतीजे आने के दिन बीजेपी (BJP) के नई दिल्ली मुख्यालय में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में देवेंद्र फड़णवीस के नाम पर मुहर लग चुकी है, इसलिए बुधवार को होने वाली बैठक में उनका नेता चुना जाना तय है.

इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) ने गठबंधन कर क्रमश: 164 और 124 सीटों पर चुनाव लड़ा था. घोषित परिणाम के अनुसार, बीजेपी (BJP) को 105 और शिवसेना (Shiv Sena) को 56 सीटें मिली हैं. साल 2014 के विधानसभा चुनाव की तुलना में बीजेपी (BJP) को इस बार 17 सीटें कम मिली हैं, जबकि शिवसेना (Shiv Sena) को सात सीटों का नुकसान हुआ है. राज्य में बहुमत का आंकड़ा 145 है, ऐसे में शिवसेना (Shiv Sena) से मदद लिए बिना बीजेपी (BJP) के लिए सरकार बनाना मुश्किल है.

बीजेपी (BJP) की कम सीटें आने के बाद उसकी शिवसेना (Shiv Sena) पर निर्भरता को देखते हुए शिवसेना (Shiv Sena) आक्रामक होकर मोल-भाव पर उतर आई है. उसका कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था, ऐसे में ढाई साल बीजेपी (BJP) का और ढाई साल शिवसेना (Shiv Sena) का मुख्यमंत्री बनना चाहिए. बीजेपी (BJP) इस फॉर्मूले पर सहमत नहीं है. यही वजह है कि बीजेपी (BJP) राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने में देरी कर रही है. बीजेपी (BJP) सूत्र बताते हैं कि विधानमंडल दल की बैठक इसलिए 30 अक्टूबर को रखी गई है, ताकि इस बीच शिवसेना (Shiv Sena) से बातचीत कर फॉर्मूले पर फंसे पेच को सुलझाने का वक्त मिल जाए.