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शिवसेना ने सामना में लिखा, अगर सावरकर से इतना प्रेम था तो उन्‍हें पहले भारत रत्‍न क्यों नहीं दिया?

सामना में आगे लिखा है कि अगर सावरकर से इतना प्रेम था तो पहले ही उन्‍हें भारत रत्‍न क्यों नहीं दिया?

शिवसेना ने सामना में लिखा, अगर सावरकर से इतना प्रेम था तो उन्‍हें पहले भारत रत्‍न क्यों नहीं दिया?

नई दिल्‍ली/मुंबई : शिवसेना (Shiv Sena) ने अपने मुखपत्र सामना में एक सम्पादकीय के ज़रिए भाजपा पर हमला बोला है. सामना में लिखा गया है कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि हमें मतदान करें, हम वीर सावरकर (Veer Savarkar) को भारत रत्न (Bharat Ratna) देने की सिफारिश करेंगे. भाजपा के घोषणा पत्र में ऐसा संदर्भ आना कलेशदायक है. गत 5 वर्षों में वीर सावरकर को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार से गौरवान्वित करना चाहिए था, सरकार अपनी थी.

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सामना में आगे लिखा है कि अगर सावरकर से इतना प्रेम था तो पहले ही उन्‍हें भारत रत्‍न क्यों नहीं दिया? भाजपा (BJP) अपने घोषणा पत्र में कहती है कि सावरकर को भारत रत्न देने का प्रयास करेंगे. हम पूछते हैं, सावरकर के इतने बुरे दिन आ गए हैं कि उन्हें सिफारिश की आवश्यकता हो? सावरकर को तो अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही भारत रत्न मिल जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, तो कम-से-कम मोदी के पहले या दूसरे कार्यकाल में तो उन्हें ‘भारत रत्न’ देकर सम्मानित करने में क्या हर्ज था? ऐसा भी नहीं हुआ. अब भाजपा के मुख्यमंत्री कहते हैं, ‘हम सावरकर की सिफारिश करेंगे!’ ये सावरकर का अपमान है, ऐसा लोगों का कहना है. इसके कारण सावरकर से प्रेम करने वाली करोड़ों जनता की श्रद्धा को ठेस लगी है.